रेलवे की विजिलेंस टीम ने नैनीताल स्थित पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम काउंटर पर छापामारी कर अवैध रूप से तत्काल टिकटों की कालाबाजारी का भंडाफोड़ किया है। टीम ने रिजर्वेशन टिकटों की कालाबाजारी करते हुए एक युवक को रंगे हाथों दबोचा है।
आरोपी युवक को रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे मजिस्ट्रेट की अदालत में बुधवार को पेश किया, जिसके बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। रेल विभाग ने देश भर में यात्री आरक्षण टिकट प्रणाली को बेदाग बनाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत विभाग ने स्पेशल विजिलेंस टीम का गठन किया है।
नैनीताल में रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा हेतु पीआरएस सेंटर स्थापित किया गया है। विभाग को मिल रही अवैध टिकटिंग की सूचनाओं के आधार पर मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पेशल टास्क टीम के वरिष्ठ उपनिरीक्षक मयंक चौधरी ने अपनी टीम के साथ तल्लीताल स्थित पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम काउंटर में छापा मारा।
विजिलेंस की कार्रवाई में एक संदिग्ध युवक हत्थे चढ़ गया, जिसकी तलाशी के दौरान तीन अलग नामों के तत्काल टिकट बरामद किए गए। टीम द्वारा पूछताछ में युवक ने अपना नाम विरेंद्र सिंह नेगी पुत्र मान सिंह नेगी निवासी भूमियाधार भवाली बताया है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अलग अलग नामों से तत्काल टिकट पीआरएस से खरीदता था, फिर तीन सौ से पांच सौ रुपये अधिक में बेचता था। विजिलेंस टीम ने रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
इधर, मंडल सुरक्षा आयुक्त इज्जतनगर एसएस राठौर ने बताया कि टास्क टीम कई और रेलवे स्टेशनों के पीआरएस पर नजर रखे हुए है।
फोटो 27एलकेयूपीटी ़, रेलवे विजिलेंस द्वारा पकड़ा गया रेल टिकट ब्लैक मेलर।