गोरखपुर। फर्जी कागजात तैयार कर पुलिस यार्ड से एआरटीओ प्रवर्तन की ओर से सीज की गई गाड़ी वाहन स्वामी ने छुड़वा ली। जांच में मामला पकड़ में आने के बाद हड़कंप मच गया। एआरटीओ प्रवर्तन ने वाहन स्वामी के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया है। उधर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी वाहन स्वामी ने गाड़ी का टैक्स परिवहन विभाग में जमा करवा दिया।
एआरटीओ प्रवर्तन राकेश सिंह ने 18 फरवरी को यूपी 53 सीटी 0122 नंबर की बोलेरो टैक्सी वाहन को कागजातों और टैक्स बकाया होने पर पुलिस यार्ड में सीज कर दी थी। आरोप है कि वाहन स्वामी ने परिवहन विभाग के कुछ लिपिकों की मिलीभगत से फर्जी कागजात तैयार कराकर गाड़ी को पुलिस यार्ड से 19 फरवरी को छुड़वा लिया था। जब एआरटीओ राकेश सिंह ने पड़ताल की तो मामले के खुलासा होने पर हड़कंप मच गया।
एआरटीओ ने तत्काल वाहन मालिक के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया है। सूत्रों के मुताबिक वाहन मालिक को मुकदमा दर्ज होने की जानकारी होते ही उसने परिवहन विभाग में उसके मददगार कर्मचारियों के साथ मिलकर 24 फरवरी को बकाया टैक्स जमा करवा दिया। इस खेल में शामिल परिवहन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है।
यह है नियम
परिवहन विभाग की चेकिंग टीम अगर कोई गाड़ी सीज करती है तो वाहन मालिक को परिवहन विभाग में सभी कागजात दिखाने होते हैं इसके अलावा टैक्स जमा करने के बाद गाड़ी को जिस एआरटीओ प्रवर्तन ने सीज किया है वही उसे छोड़ने का लेटर जारी करता है। लेटर की चार प्रतियां बनती हैं। इसमें दो वाहन मालिक को और दो कार्यालय में जमा होती हैं।
मामला पकड़ में आने के बाद वाहन स्वामी पर मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है। इस खेल में परिवहन विभाग के कर्मचारियों की भी मिलीभगत सामने आ रही है जिसकी जांच चल रही है। इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राकेश सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन