घी, तेल व्यापारी चंद्रप्रकाश टिबड़ेवाल की हत्या लूट के लिए की गई थी। पुलिस ने एक शातिर लुटेरे को गिरफ्तार कर लूटी गई रकम में से 3.75 लाख रुपये, हत्या में इस्तेमाल पिस्टल और बाइक बरामद कर ली है। पूछताछ में पता चला है कि शातिर लुटेरे जीशान उर्फ ईशान को गैंग के सरगना ओसामा की जमानत के लिए रुपयों की जरूरत थी। इसीलिए उसने व्यापारी के साथ लूट की योजना बनाई। उसका इरादा व्यापारी को मारना नहीं था, लेकिन किसी के घटनास्थल पर आ जाने के डर के चलते जल्दीबाजी में ईशान ने व्यापारी को गोली मार दी।
पुलिस लाइंस में रविवार को एसएसपी आरपी पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि कोतवाली इलाके में रहने वाले शातिर लुटेरे ओसामा के साथी ईशान को रुपयों की जरूरत थी क्योंकि उसे जेल में बंद सरगना ओसामा की जमानत करानी थी। रकम जुटाने के लिए ही ईशान ने अपने साथी रियाज और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर व्यापारी के साथ लूटपाट की योजना बनाई। वारदात वाले दिन व्यापारी चंद्रप्रकाश ने रुपयों से भरा बैग कंधे पर तिरछा टांग रखा था। घटनास्थल पर जब बैग मांगा गया तो चंद्रप्रकाश उसे देने को तैयार हो गए थे, मगर बैग तिरछा टंगा होने से उतारने में वक्त लग रहा था कि तभी साथी कर्मचारी ने शोर मचा दिया। ऐसे में किसी के आ जाने के डर से ईशान ने बिना देरी किए चंद्रप्रकाश को गोली मार दी और बैग लूटकर फरार हो गया।
बकौल एसएसपी, घटना के पर्दाफाश के लिए एसपी सिटी गणेश साहा, सीओ अभय मिश्रा के नेतृत्व में टीमें काम कर रही थीं। पड़ताल में क्राइम ब्रांच और अन्य टीमों को भी लगाया गया था। शनिवार की रात 8:45 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक शातिर लुटेरा आ रहा है। इसके बाद चेकिंग कर ईशान को तरंग क्रॉसिंग के पास से पकड़ लिया गया। उन्होंने गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम भी देने की घोषणा की।
यह था मामला
महराजगंज के मूल निवासी चंद्रप्रकाश टिबड़ेवाल कोतवाली थाना क्षेत्र के दीवान बाजार में रहते थे। घी-तेल का कारोबार करने वाले चंद्रप्रकाश टिबड़ेवाल की साहबगंज में दुकान थी। वह 11 मई की रात कर्मचारी गोलू वर्मा के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। घर से थोड़ा पहले बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी और रुपयों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए।
साढ़े सात लाख ही लूटी गई थी रकम
घटना वाले दिन कर्मचारी गोलू ने पहले 15 लाख फिर 10 लाख रुपये लूटे जाने की बात बताई थी, लेकिन पुलिस ने व्यापारी चंद्रप्रकाश की दुकान पर आय-व्यय का ब्योरा खंगाला तो साढ़े सात लाख रुपये साथ लेकर जाने की पुष्टि हुई। एसएसपी ने बताया कि बाकी रकम ईशान के तीन साथियों के पास है। उनकी तलाश में पुलिस ने दबिश तेज कर दी है। जल्द ही तीनों को गिरफ्तार कर रकम बरामद कर ली जाएगी।
एक हफ्ते से कर रहा था रेकी
व्यापारी चंद्रप्रकाश से लूट से पहले ईशान एक सप्ताह से रेकी कर रहा था। जिस जगह पर वारदात को अंजाम दिया गया, वहां मोड़ है और रात में सन्नाटा हो जाता था। ईशान को आसपास लगे कैमरों के बारे में भी जानकारी थी। उसे यह लगा था कि घटनास्थल पर बड़े-बड़े पेड़ होने से कैमरा काम नहीं कर पाएगा, लेकिन फुटेज में कुछ ऐसे सबूत हाथ लग गए थे जिनसे घटना का पर्दाफाश किया जा सके।
व्यापारी से मांगता है रंगदारी
ईशान ने इधर कुछ महीनों में कई व्यापारियों से रंगदारी भी मांगी थी। इसी रकम से वह अपना खर्च चलाता और गैंग के सरगना के केस पैरवी में भी खर्च करता था। चंद्रप्रकाश की हत्या के बाद कुछ व्यापारियों ने इसकी शिकायत भी की है, लेकिन किसी ने डर के मारे उसके खिलाफ केस नहीं दर्ज कराया। पुलिस का कहना है कि अब रंगदारी मामले की भी जांच कराई जाएगी।
दो थानों में दर्ज हैं लूट, हत्या के 13 मुकदमे
हिस्ट्रीशीटर ईशान पर राजघाट और कोतवाली थाने में लूट और हत्या के 13 मामले दर्ज हैं। अधिकतर लूट की घटना में व्यापारी को गोली मारी गई है। इसके अलावा गैर लाइसेंसी असलहा रखने के जुर्म में भी वह जेल जा चुका है।
पर्दाफाश करने वाले टीम में ये थे शामिल
चंद्रप्रकाश हत्याकांड का पर्दाफाश करने वाली टीम में एसएसआई कोतवाली बृजेश सिंह, चौकी प्रभारी मृत्युंजय कुमार, देवेंद्र लाल, सीआईयू प्रभारी अनिल कुमार उपाध्याय, राजेश कुमार मिश्रा, धर्मेंद्र कुमार सिंह, सर्विलांस टीम के गोपाल प्रसाद, विजय प्रकाश दीक्षित, मुन्ना कुमार चौरसिया, पुष्पेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार पांडेय शामिल थे।