बांसथान मेले में डांसर से छेड़खानी और महिलाओं से अभद्रता करने वाले को युवक को गुलरिहा पुलिस ने देर रात थाने से छोड़ दिया। पुलिस पकड़े गए युवक का संबंध उपद्रव मचाने वाले युवकों से न होने का तर्क दे रही है, जबकि नेताओं के दबाव में उसे छोड़ने की बात कही जा रही है।
बांसथान मेला में रविवार की रात मनबढ़ युवकों ने जमकर उत्पात मचाया था। गोरखनाथ क्षेत्र से लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर आर्केस्ट्रा देखने पहुंचे युवकों ने एक युवक को पीट दिया था। युवक ने मेला चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। मनबढ़ों की तलाश में दरोगा, सिपाही पहुंचे तो बवाल हो गया। युवकों ने पुलिसवालों से हाथापाई की धक्कामुक्की करते हुए फरार हो गए।
पीएसी जवानों की मदद से पुलिस ने एक युवक को रात में ही पकड़ लिया। उनकी गाड़ियों की तलाशी लेने पर अवैध असलहे, हॉकी, डंडा बरामद हुआ था। युवक के पकड़े जाने के बाद उनकी गाड़ियों को कब्जे में लेकर पुलिस कार्रवाई में जुट गई थी। इस बीच देर रात 12 बजे उन्हें छुड़ाने के लिए गुलरिहा थाना पर नेताओं का जमावड़ा लग गया।
नेता कार्रवाई न करने का दबाव बनाते रहे। करीब दो घंटे बाद उसे थाने से छोड़ दिया गया। ऑर्केस्ट्रा में तमंचा लेकर डांस करते पकड़े गए युवक को भी छोड़ दिया गया।
दो सिपाहियों ने बदलवा दिया मेला प्रभारी
बांसथान मेला में कच्ची शराब सहित अन्य मामलों में वसूली प्रभावित होने पर मेला थाने में तैनात दो सिपाहियों ने मेला प्रभारी बनाए गए भटहट चौकी इंचार्ज को हटवा दिया। आरोप है कि भटहट चौकी इंचार्ज ने शराब और जुए के साथ मेले में चलने वाले सारे अवैध धंधे बंद करा दिए थे। इन धंधों से अच्छी खासी वसूली करने वाले दोनों सिपाहियों ने चौकी इंचार्ज के रहते वसूली प्रभावित होने की शिकायत की थी। इसके बाद भटहट चौकी इंचार्ज को मेला प्रभारी के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया। इस बारे में एसओ गुलरिहा का कहना था कि भटहट महत्वपूर्ण चौकी है। मेला प्रभारी होने से वहां का काम प्रभावित हो रहा था इसलिए उन्हें मेला चौकी प्रभारी के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है।