दुकानदार को प्रताड़ित करने वाले सूदखोरों की तलाश में तिवारीपुर पुलिस दबिश दे रही है। सूर्यकुंड में रहने वाले नगर निगम के सफाई कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। दुकानदार को कर्ज देने वाले पांच अन्य लोग घर छोड़कर फरार हैं। उधर, जिला अस्पताल में भर्ती झुलसे दुकानदार की हालत अब भी गंभीर है।
रविवार की रात तिवारीपुर पुलिस ने सूर्यकुंड डोमखाना में दबिश देकर नगर निगम के कर्मचारी गुड्डू को हिरासत में लिया। बिना लाइसेंस के वह मोहल्ले में सूद का धंधा करता है। सफाई कर्मचारी से पूछताछ में सूद का धंधा करने वाले कई अन्य लोगों का पता चला है जिनकी तलाश में पुलिस ने दबिश दी लेकिन वे नहीं मिले। इसके अलावा सिधारीपुर के रहने वाले दुकानदार सुधीर की पत्नी सविता ने जिन पांच सूदखोरों का नाम पुलिस को बताया था वह भी फरार हैं। दुकानदार की पत्नी ने छह लोगों के खिलाफ तिवारीपुर थाने में तहरीर दी है। आरोपियों में एक बसपा का नेता, एक प्रॉपर्टी डीलर भी शामिल है। एसओ तिवारीपुर रामाज्ञा सिंह ने बताया कि किराना की दुकान चलाने वाले सुधीर को प्रताड़ित कर रहे सूदखोरों की तलाश चल रही है। मुकदमा दर्ज कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रताड़ना की डर से जान देने की कोशिश की
जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती दुकानदार सुधीर गुप्ता ने बताया कि दो साल पहले उन्होंने मोहल्ले के रानू सिंह, अर्जुन, काजू मौर्य, गुड्डू, राजन, टीएन सिंह से ब्याज पर घर बनवाने के लिए रुपये लिए थे। दुकान से होने वाली आमदनी के हिसाब से सभी को रुपये चुकता कर रहा था। इसके बाद भी रास्ते में मिलने पर वे उसे प्रताड़ित करने के साथ ही सरेआम अपमानित करते थे। रविवार को अर्जुन ने फोन कर मारने-पीटने की धमकी दी थी जिसके कारण उसने खुद पर केरोसिन डाल आत्मदाह का प्रयास किया।
सादे स्टांप पर कराया है दस्तखत
सुधीर गुप्ता के पिता हरिलाल ने बताया कि सूदखोरों ने सादे स्टांप पर बेटे से हस्ताक्षर कराके रुपये ब्याज पर दिए हैं। कई बार उन्होंने खुद ब्याज के रुपये चुकता किए। सूदखोर फोन कर रोजाना सुधीर को धमकी देते थे। किराना की दुकान पर वह बैठता तो वहां पहुंचकर उसे प्रताड़ित करते थे जिस कारण छह महीने से उसने दुकान पर बैठना छोड़ दिया था।
साहूकारों की सूची पुलिस करेगी सत्यापन : डीआईजी
डीआईजी रेंज शिवसागर सिंह ने बताया कि बिना लाइसेंस के सूद पर रुपये देने वाले लोगों को चिह्नि कर पुलिस उनके मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी। रजिस्ट्रर्ड साहूकारों की सूची का सत्यापन कराने के बाद उनके सहयोगियों का पूरा विवरण थाने में रखा जाएगा। तिवारीपुर क्षेत्र में हुई घटना की पूरी रिपोर्ट लेने के बाद दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई कराएंगे।
प्रताड़ना पर निरस्त हो सकता है लाइसेंस: मधुसूदन
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मधुसूदन त्रिपाठी का कहना है कि बिना लाइसेंस के सूद पर रुपये देने के बाद वसूली के लिए पीड़ित को प्रताड़ित करने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने का प्राविधान है। साहूकारी अधिनियम के तहत रजिस्ट्रर्ड साहूकार भी वसूली के लिए किसी को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं कर सकता। शिकायत पर डीएम को साहूकार का लाइसेंस निरस्त करने का अधिकार है।