माफिया अजीत शाही के घर रविवार की रात एसपी (सिटी) ने फोर्स के साथ दबिश दी। बेतियाहाता स्थित घर पर पुलिस ने एक घंटे तक तलाशी ली लेकिन वहां कोई मिला नहीं। इसके अलावा पुलिस माफिया के गैंग में शामिल सदस्यों की भी तलाश कर रही है।
16 सितंबर को तारामंडल क्षेत्र में स्थित शिवा मोर्ट्स के नाम से बुलेट की एजेंसी पर पहुंचे माफिया शाही ने डॉक्टर वाई सिंह के साथ जमकर उत्पात मचाया था। एजेंसी कर्मचारी बृजमोहन और अमृतांश राय की पिटाई कर दी। असलहा तान जान से मारने की धमकी देते हुए ये लोग फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने बृजमोहन की तहरीर पर माफिया अजीत शाही, डॉ. वाई सिंह उनके पिता संगम सिंह, राजेश सिंह और अज्ञात लोगों पर जानलेवा हमला, बलवा का केस दर्ज कराया है। वारदात के बाद फरार चल रहे आरोपियों की तलाश पुलिस घटना के बाद से दबिश दे रही है। रविवार की रात एसपी (सिटी) हेमराज मीणा ने बेतियाहाता, आवास - विकास कॉलोनी में स्थित अजीत शाही के घर दबिश दी लेकिन वे मिले नहीं।
डॉक्टर ने रुपये लूटने की दी तहरीर
फलमंडी के पास नर्सिंग होम चलाने वाले डॉक्टर वाई सिंह पुलिस को तहरीर देकर एजेंसी संचालक और कर्मचारियों पर 3.06 लाख रुपये लूटने का आरोप लगाया है। उन्होंने तहरीर में लिखा है कि पांच हजार रुपये देकर बुलेट बुक कराने के बाद 16 सितंबर को खरीदने गए थे। बुलेट की कीमत 1.56 लाख रुपये जमा करने के बाद घर के काम के लिए उन्होंने बैंक से निकाले गए 1.50 लाख रुपये झोले में रखे थे, मगर कहासुनी के बाद एजेंसी कर्मचारियों ने उनके साथ ही पिता की पिटाई करने के बाद रकम छीन ली। पब्लिक की मदद से जान बचाकर वे लोग वहां से भागे। डॉक्टर का आरोप है कि रुपये जमा कराने के बाद भी उन्हें बुलेट भी नहीं दिया गया।