लूट के एक मामले में गोरखपुर पुलिस ने शनिवार को बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हरिशंकर तिवारी और चिल्लूपार से बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी के घर पर छापा मारा और छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। छापेमारी के दौरान एक व्यक्ति (अशोक सिंह) के पास से 12 बोर और 315 बोर के कारतूस भी बरामद किए गए। अशोक के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज करके उसे जेल भेज दिया गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने पांच लोगों को छोड़ दिया। इस मामले को बसपा विधायक ने सरकार की साजिश करार दिया है। साथ ही कहा है कि 24 अप्रैल को डीएम कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। इसमें बसपा नेता भी शामिल होंगे।
खोराबार थानाक्षेत्र के जगदीशपुर इलाके से मार्च 2017 में रिलायंस पेट्रोल पंप के कर्मचारियों से 98 लाख रुपये लूट लिए गए थे। इस मामले में पुलिस ने बलिया के छोटू चौबे को शनिवार को ही रिमांड पर लिया। पुलिस ने छोटू चौबे से पूछताछ की और बताया कि लूट में सोनू पाठक नाम का व्यक्ति भी शामिल है। इसकी लोकेशन पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के घर बताई गई। इसी आधार पर एसपी सिटी हेमराज मीणा की अगुवाई में पांच थानों की पुलिस ने बसपा सरकार के पूर्व मंत्री के घर छापा मारा। करीब 30 मिनट तक छानबीन की और छह लोगों को हिरासत में लेकर निकल गए। इन सबसे थाने में पूछताछ हुई।
एसएसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि पूर्व मंत्री के घर में बने आउट हाउस से मनोज, प्रकाश, सत्यम, गुड्डू, अशोक सिंह और बहादुर को हिरासत में लिया गया था। अशोक सिंह के पास से कारतूस बरामद हुए हैं। लूट के मामले में जिस अभियुक्त को पुलिस पकड़ने गई थी, वह मौके पर नहीं मिला। लूट का खुलासा पहले हो चुका है लेकिन 61 लाख रुपये की बरामदगी नहीं हो सकी। लूट के मास्टर माइंड छोटू चौबे की निशानदेही पर ही पूर्व मंत्री के घर पर छापेमारी की गई है। इसमें किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है। एसएसपी ने बताया कि सोनू पाठक के गिरफ्तारी की कोशिश जारी है। छापेमारी भी चल रही है।
ये था मामला
खोराबार थानाक्षेत्र के जगदीशपुर के पास से 14 मार्च 2017 को रिलायंस पेट्रोल पंप के कर्मचारियों से 98 लाख रुपये लूटे गए थे। पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश किया और रिलायंस के ही कैशियर, ड्राइवर को गिरफ्तार करके 37 लाख रुपये बरामद कर लिया। 61 लाख रुपये की बरामदगी नहीं हो सकी। इस मामले में कैशियर, ड्राइवर से पूछताछ हुई तो पता चला कि पूरे मामलेे का मास्टर माइंड बलिया का छोटू चौबे है, जो कि कोर्ट में हाजिर होकर जेल में बंद था। पुलिस ने छोटू चौबे को रिमांड पर लिया। सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि लुटेरों के संबंध सोनू पाठक से हैं। सोनू के पूर्व मंत्री के घर पर बने आउट हाउस में रहने की सूचना मिली थी है, इसी आधार पर पुलिस ने छापेमारी की और छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की।
विधायक और पुलिस में तीखी बहस
पुलिस की छापेमारी के दौरान पूर्व मंत्री घर पर नहीं थे। उनके बेटे और चिल्लूपार से विधायक विनय शंकर तिवारी को भी छापेमारी की सूचना बाद में मिल सकी। वह घर से बाहर थे। घर पहुंचे तो पुलिस की टीम बाहर निकल रही थी। इस पर विधायक ने आपत्ति की। इसे लेकर बसपा विधायक और पुलिस अफसरों के बीच तीखी बहस भी हुई। विधायक ने कहा कि जनप्रतिनिधि के घर पर इस तरह की छापेमारी गलत है। राज्य सरकार लोकतंत्र का गला घोंटना चाहती है।
सरकार के इशारे पर पुलिस ने छापा मारा है। पुलिस के पास वारंट नहीं था, इसके बावजूद घर में घुस आई। इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे। सोमवार (24 अप्रैल) को डीएम दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन भी होगा। छापेमारी की कार्रवाई गलत है। पुलिस ने निर्दोष लोगों को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद पांच को छोड़ दिया। एक व्यक्ति को गलत मामले में फंसाकर जेल भेजा है।
-विनय शंकर तिवारी, विधायक चिल्लूपार (पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के बेटे)