जिले में दंगा, सांप्रदायिक विवाद करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए एसएसपी ने ‘रेड स्कीम’ तैयार की है। शहर और देहात के थानों को दो जोन में बांटने के बाद तीन सौ पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर रेड कार्ड दिए गए हैं। जोन में यदि कहीं सांप्रदायिक घटना होती है तो सभी को बिना किसी आदेश के तत्काल मौके पर पहुंचना होगा। वर्तमान ड्यूटी उनके काम में बाधक नहीं बनेगी। एसएसपी ने रेड कार्डधारक पुलिसकर्मियों के नाम और नंबर की सूची सभी थानों पर भेज दी है।
त्योहार के समय में विवाद करने, दंगा फैलाने की कोशिश करने वालों से निपटनेे के लिए एसएसपी ने रेड स्कीम तैयार की है। इनमें जिले के सभी 25 थानों पर तैनात दरोगा, हेड कॉस्टेबिल और सिपाहियों को मिलाकर टीमें बनाई गई हैं। एक टीम में 13 लोग शामिल हैं।
टीम में शामिल लोगों को मिला निर्देश
- रेड स्कीम लागू होने की सूचना मिलते ही दंगा नियंत्रण उपकरण के साथ मौके पर पहुंचना होगा
- रेड कार्डधारक की वर्तमान ड्यूटी उसके काम में बाधक नहीं बनेगी। हर हाल में उसे घटनास्थल पर जाना होगा।
- रिलीवर के पहुंचने तक रेड कार्डधारक घटनास्थल पर बने रहेंगे।
- बल प्रयोग करते समय अशिष्ट भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे। महिला और बच्चों का ध्यान रखेंगे।
- जिस थानाक्षेत्र में विवाद होगा, वहां के थानेदार मौके पर मौजूद रेड कार्डधारकों की हाजिरी लेंगे।
रेड स्कीम के तहत गठित जोन
जोन प्रथम
इसमें बड़हलगंज, कैंट, गोला, बांसगांव, उरुवां, बेलघाट, गगहा, उरुवा, सिकरीगंज, बेलीपार, हरपुर-बुदहट, चौरीचौरा, खोराबार और झंगहा थाने शामिल किए गए हैं।
जोन द्वितीय
इसमें सहजनवां, कोतवाली, शाहपुर, पिपराइच, पीपीगंज, कैंपियरगंज, गुलरिहा, चिलुआताल, तिवारीपुर, राजघाट और गोरखनाथ थाने को शामिल किया गया है।
त्योहार के समय विवाद या दंगा फैलाने की कोशिश करने वालों से निपटने के लिए ‘रेड स्कीम’ बनाई गई है। घटना की सूचना मिलने पर कार्डधारक पुलिसकर्मियों को दंगा नियंत्रण उपकरण के साथ तत्काल मौके पर पहुंचना होगा, जिससे प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
- अनंत देव, एसएसपी