अवैध असलहा रखने के आरोप में पुलिस ने माफिया ब्लॉक प्रमुख सुधीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने उनके आदर्शनगर एल्युमीनियम फैक्ट्री के घर पर छापेमारी कर 30 बोर की प्रतिबंधित पिस्टल, 56 कारतूस और कई लाइसेंसी असलहे बरामद किए हैं। लाइसेंस दूसरों के नाम पर थे। सपा के एक कद्दावर मंत्री के करीबी माने जाने वाले सुधीर सिंह की पकड़े जाने की खबर आते ही पुलिस अफसरों पर दबाव बनाने के लिए कई नेताओं के फोन भी आने लगे, मगर पुलिस ने किसी की भी नहीं सुनी।
शुक्रवार को एसएसपी रामलाल वर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस कर सुधीर की गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए इनामी अपराधी, माफिया के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बृहस्पतिवार की रात पिपरौली के ब्लॉक प्रमुख सुधीर सिंह के घर भी पुलिस ने दबिश डाली। इंस्पेक्टर शाहपुर गोविंद बल्लभ शर्मा और सीआईयू प्रभारी अनिल उपाध्याय, स्वाट प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, राम आशीष यादव, राजेश मिश्र और सर्विलांस प्रभारी गोपाल प्रसाद की टीम ने सुधीर सिंह के घर से 30 बोर की एक पिस्टल और पांच कारतूस, 38 बोर की 50 कारतूस, नाइन एमएम की एक कारतूस बरामद की। सुधीर उस वक्त घर पर ही मौजूद था।
गैंगेस्टर के मुकदमे में फरार था सुधीर
सुधीर सिंह गैंगेस्टर एक्ट के मामले में फरार चल रहा था। कोर्ट ने सुधीर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया था। 23 जनवरी 2009 को शाहपुर पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था। उन्होंने सुधीर के गैंग को संगठित आपराधिक गिरोह बताया था जो आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए अपराध करने की आदी है। उसका समाज में इतना खौफ है कि उसके खिलाफ गवाही देने के लिए भी कोई तैयार नहीं होता है। इसी मुकदमे में हाजिर न होने पर कोर्ट ने सुधीर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। पुलिस ने कोर्ट में पेश किया तो विशेष न्यायाधीश शिवानंद सिंह ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।
इंस्पेक्टर को कारण बताओ नोटिस
सुधीर के घर से गिरफ्तारी और असलहे बरामद होने पर एसएसपी रामलाल वर्मा ने शाहपुर के इंस्पेक्टर को भी नोटिस जारी किया है। आचार संहिता लागू होने के बाद से ही लाइसेंसी असलहे जमा कराए जा रहे हैं। फिर भी पुलिस ने सुधीर सिंह का असलहा क्यों नहीं जमा कराया, यह सवाल उठने लगा था। एसएसपी ने नोटिस जारी कर जवाब इंस्पेक्टर से इसका जवाब मांगा है।