शनिवार को तीन साल की मासूम बच्ची से रेप करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी विवेक कुमार चौहान को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि मजदूरी करने वाले एक शख्स की तीन साल की बेटी के साथ उस समय किशोर ने दुराचार किया कि जब वह घर पर खेल रही थी। बच्ची को खेलाने के बहाने ले जाकर उसने रेप किया था। बच्ची के रोने के आवाज सुनकर लोग पहुंचे तो वह भाग गया। गंभीर हालत में बच्ची को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया। पहले तो पुलिस मामले को मैनेज करने में लगी थी लेकिन बाद में मीडिया में मामला आने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश में लगी थी। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
रेप मामले में लापरवाही पर प्राचार्य ने मांगा जवाब
मेडिकल कॉलेज में रेप पीडित तीन साल की बच्ची के इलाज को लेकर बरती गई लापरवाही पर प्राचार्य ने एसआईसी से जवाब मांगा है। साथ ही निर्देश दिया है कि पूरे मामले में किसी भी डॉक्टर या कर्मचारी के दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।बताते चलें कि शनिवार को घर के बाहर खेल रही पिपराइच के एक गांव की तीन साल की बच्ची से गांव के ही युवक ने रेप किया था। बच्ची को घरवालों ने गंभीर अवस्था में उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
प्राथमिक जांच के बाद बच्ची को इमरजेंसी के डॉक्टरों ने गायनी विभाग के लेबर रूम में भर्ती करने के लिए शिफ्ट कर दिया था। यहां पीड़ित बच्ची को बेड न मिलने पर उसकी मां पूरी रात उसे गोद में ही लेकर बैठी रही। ‘अमर उजाला’ में खबर छपने के बाद मंगलवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन समेत पुलिस के अफसर भी सक्रिय हुए और बच्ची का हाल लेने वार्ड पहुंचे। पुलिस बच्ची के कपड़े और इलाज से जुड़े कागजात अपने साथ ले गई। प्राचार्य प्रो. राजीव मिश्र ने एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव से पूरे मामले में उनका पक्ष और किससे लापरवाही हुई है, इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।
अखबार में खबर पढ़ने के बाद मामले की जानकारी हुई। बच्ची के साथ रेप की घटना दुर्भाग्यशाली है। उसके इलाज में अगर लापरवाही हुई है तो गलत है। पूरे मामले में एसआईसी से रिपोर्ट मांगी है। अगर कोई दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
-प्रो. राजीव मिश्रा, प्राचार्य