महिला को जमीन पर लिटाकर जाम लगाते ग्रामीण।
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बरईपार गांव के एक पेड़ में लगी आग को बुझाने बुधवार को गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इससे पुलिस की जीप क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने भी लाठियां भांजी हैं। इसमें दो ग्रामीण चुटहिल हुए हैं। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने भीषण जाम लगा दिया। इससे एक घंटे तक यातायात ठप रहा।
बाद में पुलिस ने 10 ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। ग्रामीणों के खिलाफ मारपीट, बलवा, सरकारी कामकाज में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज हुआ है। दूसरी तरफ चुटहिल महिला कांती की तहरीर पर बेलीपार थाने के दो दरोगा (एसएसआई विजय यादव और भीम यादव) के खिलाफ एफआईआर हुई है। दरोगा पर गाली देने, मारपीट के आरोप हैं।
घटना बुधवार दोपहर दो बजे के करीब की है। बरईपार गांव में पतिया बाबा स्थल के पास पीपल के पुराने पेड़ में बिजली के तार से निकली चिंगारी से आग लग गई। आग की सूचना ग्रामीणों ने थाने पर दी तो पुलिस दमकल की गाड़ी के साथ पहुंच गई। आग बुझाने के बाद पुलिस ने पेड़ को काटने की सलाह दी और जेसीबी भी मंगा ली। इसकी जानकारी होते ही गांव के छोटकन पहुंच गए। पेड़ से थोड़ी दूरी पर ही उनका खेत है। उन्होंने इससे खेत के नुकसान का हवाला देते हुए पेड़ काटने का विरोध किया। इसी बात पर कहासुनी शुरू हो गई।
आरोप है कि पुलिस ने छोटकन की पत्नी कांती को मारना शुरू कर दिया, उन्हें बचाने उनका बेटा रामचंद्र पहुंचा तो जीप से उसे टक्कर मार दी, जिससे वह भी घायल हो गया। इसके बाद ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। उधर, सीओ बांसगांव त्रिलोकी का कहना है कि पेड़ काटने को लेकर ग्रामीण उग्र हो गए और पत्थर फेंकने लगे। उनके ही पत्थर लगने से दोनों ग्रामीण मामूली रूप से घायल हुए हैं।
बवाल बढ़ने के बाद ग्रामीण सड़क पर आ गए और घायलों को गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर लिटाकर जाम लगा दिया। बवाल बढ़ने पर एसपी सिटी हेमराज मीणा, सीओ बांसगांव फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को सड़क से हटाया। इससे करीब एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। जाम के दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन देखने को मिली।