मंडलीय कारागार में बंद कैदियों से मिलने आने वाले लोगों के साथ ही बंदी रक्षकों की तलाशी शुरू कर दी गई है। सघन जांच के बाद ही लोगों को अंदर प्रवेश मिलेगा। रविवार से नई व्यवस्था की शुरू होने के बाद रात में सुरक्षा ड्यूटी में मौजूद पीएसी के जवान संदिग्धों के साथ ही बंदी रक्षकों की गतिविधि पर भी नजर रखेंगे।
मंडलीय कारागार में डीएम, एसएसपी के छापे में बैरक से आपत्तिजनक सामान मिले थे। एक साल के भीतर तीन बार पडे़ छापे मेें हर बार कुछ ने कुछ मिला। चेतावनी के बाद भी जेल के अफसर व्यवस्था ठीक नहीं कर सके जिसके कारण कोई बड़ी घटना होने की आशंका जताई जा रही थी। अधिकारियों के निर्देश पर रविवार से जेल की सुरक्षा में लगे पहरेदारों (बंदी रक्षक) की भी निगरानी शुरू हो गई। सुबह जेल परिसर में एंट्री से पहले सभी बंदी रक्षकों की तलाशी ली गई।
बंदियों से मिलने आए मुलाकातियों को भी सघन जांच के बाद अंदर जाने दिया गया। रात के समय सुरक्षा में गश्त करने वाले पीएसी जवानों को बंदी रक्षकों की गतिविधि पर नजर रखने को कहा गया है। चेकिंग का जिम्मा जेल चौकी प्रभारी के साथ ही पुलिस लाइन में तैनात एक अन्य दरोगा की मिली है। इनके साथ सहयोग में दो महिला, दो पुरुष सिपाही भी लगाए गए हैं।
एसएसपी को रोजाना देनी है रिपोर्ट
मंडलीय कारागार पर चेकिंग में लगाए गए पुलिसकर्मी रोजाना आने वाले मुलाकातियों के साथ ही जेल के अंदर ड्यूटी करने जाने वाले बंदी रक्षकों की जानकारी एसएसपी को देंगे। रजिस्टर पर सभी के बारे में जानकारी दर्ज की जाएगी। मुलाकाती किस बंदी से मिलने आया है, उससे क्या रिश्ता है यह बताना है। इसके साथ ही मोबाइल नंबर भी रजिस्टर में लिखा जाएगा।