एसएसपी ने घटना का पर्दाफाश किया।
- फोटो : amar ujala
चिलुआताल इलाके में प्रापर्टी डीलर सुरेश सिंह की हत्या उनके भतीजे ने ही की थी। पुलिस ने बुधवार को घटना का पर्दाफाश कर दिया। बकौल कप्तान, चाची से भतीजे के अवैध संबंध का शक होने पर चाचा ने उसकी पिटाई कर दी थी। इससे आहत भतीजे ने प्रापर्टी डीलर की हत्या कर दी।
एसएसपी रामलाल वर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 17 जून की देर रात प्रापर्टी डीलर सुरेश सिंह की हत्या कर दी गई थी। शव छिपाने की नीयत से बोरे में भरकर फेंकने ले जा रहे बदमाश को लोगों ने देखकर शोर मचा दिया था, जिसके बाद वह शव छोड़कर भाग गया। तहकीकात में पुलिस ने शक के आधार पर भतीजे राहुल को उठाया और पूछताछ की तो उसने वारदात में शामिल होना कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि करीब एक साल पहले चाचा सुरेश मद्रास में नौकरी कर रहे थे और चाची गांव में थीं। तब चाचा को मुझ पर चाची से अवैध संबंध होने का शक हो गया।
इसी पर पहले चाचा ने मेरी पिटाई की और फिर सार्वजनिक रूप से भी मुझे बेइज्जत किया। इसके बाद से ही मैं गांव छोड़कर लखनऊ चला गया और वहीं रहने लगा। एक दिन मुझे जब पता चला कि चाचा घर में अकेले हैं तो मैं बिना किसी को बताए लखनऊ से आया। घर न जाकर रात में मैं पड़ोसी की छत के रास्ते अंदर दाखिल हुआ और रॉड से प्रहार कर चाचा की हत्या कर दी। उसके बाद बोरे में शव रखकर घर में रखी साइकिल से लेकर नदी में फेंकने जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने मुझे देख लिया तो शव छोड़कर भागना पड़ा। एसएसपी ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को पांच हजार रुपये ईनाम देने की घोषणा की है।
मोबाइल लखनऊ में छोड़ आया ताकि लोकेशन पता न लगे
गोरखपुर। पुलिस सर्विलांस की सहायता से उस तक न पहुंच सके, इसलिए उसने मोबाइल लखनऊ में छोड़ दिया था। राहुल ने बताया कि लखनऊ में उसने मोबाइल चार्ज करने के लिए लगाकर साइलेंट कर दिया था और खुद गोरखपुर चला आया। राहुल ने बताया कि उसे मालूम था कि मोबाइल के आधार पर अभियुक्त आसानी से पकड़ लिए जाते हैं, इसी वजह से वह मोबाइल साथ नहीं लाया था।