गगहा क्षेत्र के चवरियां बुजुर्ग गांव से चार दिन पहले घर से खेलते समय लापता हुई सात साल की बच्ची की गला रेतकर हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार को गांव के पास ही खेत में मृतक का भाई शौच करने गया था। इसी दौरान दुर्गंध से उस ओर गया। कपड़ा देखकर उसने पहचान की और फिर घरवालों को जानकारी दी। सूचना मिलने पर घरवालों के साथ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गहन छानबीन की तथा शव को पीएम के लिए भेज दिया। हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
चवरियां बुजुर्ग गांव निवासी अमर मजदूरी का काम करते हैं। उनके चार बच्चों में सबसे छोटी सात साल की बेटी प्रियंका सोमवार को घर के बाहर खेल रही थी। इसी बीच संदिग्ध हाल में वह लापता हो गई। शाम को जब वह घर नहीं लौटी तो घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी तलाश करने के बाद जब वह नहीं मिली तो उन्होंने सूचना गगहा पुलिस को दे दी। पुलिस जांच का आश्वासन ही देती रह गई और इसी बीच बृहस्पतिवार को उसकी हत्या कर फेंकी गई लाश मिल गई। घरवाले भी अभी हत्या की कोई वजह नहीं बता पा रहे है। उन्होंने किसी से दुश्मनी से भी इंकार किया है। गगहा इंस्पेक्टर मनोज पाठक का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
सक्रिय हुई होती पुलिस तो बच जाती जान
बच्ची के लापता होने की सूचना पर पुलिस अगर सक्रिय हुई तो उसकी जान बच जाती। कई बार पिता थाने का चक्कर लगाकर बेटी को ढूढ़ने की गुहार लगाई लेकिन पुलिस ने आश्वासन देकर हर बार लौटा दिया। अब पुलिस शीघ्र आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।