झंगहा के गोबडौर चौराहे पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जयप्रकाश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ताबड़तोड़ फायरिंग में उनके दो भाई को भी गोली लगी है, जिनका उपचार चल रहा है। आरोप ग्राम प्रधान धर्मेंद्र यादव पर है। बताया जा रहा कि लंबे समय से जयप्रकाश का धर्मेंद्र के बीच वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। हत्या की सूचना पाते ही एसएसपी रामलाल वर्मा मय फोर्स मौके पर पहुंच गए थे। खबर लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था।
झंगहा और ब्रह्मपुर प्रतिनिधि के अनुसार कैथवलिया गांव के रहने वाले जय प्रकाश यादव (40) चौरीचौरा के महाजन डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष रह चुके हैं। शनिवार की सुबह करीब दस बजे वे अपने भाई बीएसएफ जवान ओमप्रकाश और राजेश यादव के साथ गोबडौर चौराहे की ओर गए थे। आरोप है कि वहां पर पहले से ही गांव के प्रधान धर्मेंद्र यादव अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे। दोनों सामने पड़े तो किसी बात पर कहासुनी हो गई और धर्मेंद्र के समर्थकों ने लाठी डंडे से पीटना शुरू कर दिया। अभी कोई कुछ समझ पाता कि धर्मेंद्र व समर्थकों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें तीनों भाई को गोली लग गई। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया जा रहा था। जहां रास्ते में ही जयप्रकाश की मौत हो गई। दोनों भाईयों की हालत भी नाजुक बनी हुई है।
जमीन और प्रधानी चुनाव बनी हत्या की वजह
जयप्रकाश और धर्मेंद्र के बीच लंबे समय से वर्चस्व की जंग चल रही है। बीते प्रधानी चुनाव में दोनों ही प्रत्याशी थे। इसमें धर्मेंद्र यादव ने जयप्रकाश यादव हरा दिया था। हालांकि कि वोटों का अंतर बहुत कम था। इसके बाद से ही दोनों के बीच वर्चस्व को लेकर जंग छिड़ गई थी। चौराहे पर चार डिसमिल एक जमीन है, जिसे दोनों ही अपना बताते हैं। जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से दोनों में विवाद चल रहा था। शनिवार को इसी जमीन को लेकर कहासुनी और फिर फायरिंग हो गई।