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न्याय न मिलने से तंग आकर मां-बेटे ने खाया सल्फास, फिर कलेक्ट्रेट के सामने किया आत्मदाह का प्रयास

Mon, 19 Nov 2018 04:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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पीड़ित मां-बेटा - फोटो : अमर उजाला
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पति की संपत्ति में हक पाने के लिए जूझ रही एक महिला ने सोमवार को अपने इकलौते बेटे के साथ पहले जहर खा लिया और फिर कलेक्ट्रेट में डीएम कक्ष के बाहर शरीर पर केरोसीन उड़ेलकर आत्मदाह की कोशिश की। जिससे कलेक्ट्रेट में अफरा- तफरी मच गई।
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वहां मौजूद सुरक्षागार्डों ने किसी तरह उन्हें आत्मदाह करने से बचा लिया, लेकिन तब तक मां-बेटे की हालत बिगड़ गई। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डीएम, एसडीएम सदर, सीओ और कोतवाल भी मौके पर पहुंच गए। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने मां-बेटे को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के सुम्हाटार गांव की निवासी उर्मिला देवी (55) सोमवार को दिन में करीब 12 बजे अपने पुत्र संतोष कुमार (34) के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं। दोनों ने पहले से ही जहर खाया हुआ था और डीएम कक्ष के बाहर ही अपने शरीर पर केरोसीन उड़ेलकर आत्मदाह की कोशिश की। जिससे कलेक्ट्रेट में अफरा- तफरी का माहौल पैैदा हो गया। वहां तैनात सुरक्षागार्डों ने मां-बेटे को पकड़ लिया और आत्मदाह से रोका। तब तक दोनों की हालत बिगड़ने लगी।
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उन्हें तत्काल जिला अस्पताल भेजवाया गया। सूचना पर डीएम डॉक्टर अनिल कुमार सिंह, एसडीएम सदर गुलाबचंद्र, सीओ सदर नितेश प्रताप सिंह और कोतवाल विजय राज सिंह भी अस्पताल पहुंच गए। एसडीएम सदर ने मां-बेटे का बयान दर्ज किया। दोनों की हालत बिगड़ते देख डॉक्टर ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

पीड़िता उर्मिला का आरोप था कि उसके पति बेगलाल महराजगंज जिले में अमीन पद पर तैनात है। आरोप था कि उसके पति का अपनी भाभी से नजदीकी रिश्ता है। पति उसे हमेशा प्रताडित करता था और मां-बेटे को घर से निकाल दिया था। पति मकान और जमीन में हिस्सा भी नहीं दे रहा है। इसकी शिकायत एसडीएम से सीएम तक प्रार्थना पत्र देकर की।
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बार-बार के आग्रह के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने पर वह बेटे के साथ आत्महत्या करने की चेतावनी भी प्रार्थना पत्र के माध्यम से पूर्व में दी थी। इसके बाद भी उसे न्याय नहीं मिला तो वह अपने इकलौते बेटे के साथ आत्महत्या करने को विवश हो गई।

मां-बेटे घरेलू विवाद से अवसादग्रस्त थे। महिला का पति महराजगंज जिले में सहकारिता विभाग में अमीन के पद पर तैनात है। महिला बता रही थी कि उसके पति ने दूसरी शादी भी कर ली है। पति उसे मकान और जमीन में हिस्सा नहीं दे रहा है। जमीन अपने भाई की पत्नी के नाम लिख दिया है। जिसका मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है।

घटना की जानकारी होते ही उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराई गई है। मेडिकल कॉलेज में उनकी हालत पूरी तरह ठीक बताई गई। पूरे प्रकरण की जांच के लिए हाटा एसडीएम को जांच अधिकारी नामित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉक्टर अनिल कुमार सिंह,डीएम कुशीनगर
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