आम लोगों के साथ अच्छे व्यवहार की सीख का असर पुलिस वालों पर नहीं दिख रहा। गुरुवार को ऐसी ही एक शिकायत आईजी के पास पहुंची। गोला इलाके के एक महंत ट्रेनिंग कर रहे दरोगा के व्यवहार से इतने आहत थे कि वो आईजी के सामने ही रो पड़े। आईजी ने न सिर्फ उन्हें समझाया बल्कि उनके सामने ही थानेदार से बात कर मामले की गंभीरता से जांच करने और ट्रेनी दरोगा को व्यवहार सुधारने की चेतावनी दी। मंदिर से मूर्ति चोरी के मामले में पहले भी पुलिस महंत को तीन दिन थाने बैठा चुकी है।
गोला इलाके की सरयू नदी के पास रामामऊ मठ से करीब डेढ़ महीने पहले मूर्ति चोरी हो गई थी। मठ के महंत वासुदेवदास फरियाद लेकर थाने पहुंचे थे तो तत्कालीन थानेदार गौरव सिंह ने उन्हें ही बैठा दिया। तीन दिन तक बेवजह हवालात में रहने के बाद वह छूटे। अभी यह मामला चल ही रहा था कि एक ट्रेनी दरोगा ने भी महंत के साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिस के इस व्यवहार से आहत महंत गुरुवार को फरियाद लेकर आईजी मोहित अग्रवाल के पास पहुंचे। उनकी बात सुनने के बाद आईजी ने थानेदार से वार्ता की। उन्हें गंभीरता से जांच करने और व्यवहार में बदलाव करने की चेतावनी दी।
महंत का कहना है कि उन्हें तरह-तरह की धमकी मिल रही है। एक बार उनकी हत्या की भी कोशिश हो चुकी है, जिसका मुकदमा बेलीपार थाने में दर्ज है। मठ की जमीन पर कुछ लोगों की नजर है, जिसे लेकर वे साजिशन मुझे फंसाना चाहते हैं।