डायल-100 सेवा की शुरुआत शनिवार को पंचायती राज्य मंत्री राम गोविंद चौधरी ने की। सजी गाड़ियों को झंडी दिखाकर उन्होंने रवाना किया। इस दौरान कहा कि हर छोटी-बड़ी घटना की सूचना पर पुलिस तत्काल पीड़ित के दरवाजे पर पहुंचेगी। इससे अपराध पर अंकुश लगेगा और विपक्षी कानून व्यवस्था पर सवाल नहीं उठा पाएंगे। देश ही नहीं बल्कि विदेश तक में ऐसी व्यवस्था कहीं नहीं है। पूरे प्रदेश में इस नई व्यवस्था से रामराज कायम होगा।
उन्होंने कहा कि अक्सर पुलिस को घटना की जानकारी मिलती है मगर आधुनिक व्यवस्था न होने से वे समय से नहीं पहुंच पाते। चुटकिले अंदाज में बोले पता चला कि घटना हुई और दरोगा जी गाड़ी स्टार्ट कर रहे हैं। जब तक गाड़ी स्टार्ट हुई अपराधी फरार हो गए, पर अब ऐसा नहीं होगा।
आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा कि पब्लिक की पुलिस से दो शिकायतें आम होती हैं। पहली पुलिस समय से नहीं पहुंचती और दूसरी उनका व्यवहार ठीक नहीं होता। इस सेवा के शुरू होने से दोनों शिकायतों का समाधान हो गया। सेवा-100 के पुलिसवाले न सिर्फ समय से पहुंचेंगे बल्कि वे पीड़ित के साथ दोस्ताना व्यवहार भी करेंगे। डीआईजी शिव सागर सिंह ने कहा कि यूपी पुलिस विश्व की सबसे बेहतर पुलिस बनने जा रही है। शहरी क्षेत्र में 15 और देहात में 20 मिनट में पुलिस पहुंच जाएगी।
कार्यक्रम को डीएम संध्या तिवारी ने भी संबोधित किया। एसपी ट्रैफिक एसपी द्विवेदी ने यूपी-100 के बारे में जानकारी दी। वहीं प्रभारी एसएसपी हेमराज मीणा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विधायक राजमति निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष गीतांजलि यादव, जिलाध्यक्ष डॉ. मोहसिन खां, सपा मीडिया प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ‘राजू’ आदि मौजूद थे।
100 सेवा में नहीं लग रहा मन, सब कुछ... नहीं
पंचायती राज्य मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा कि यूपी-100 सेवा के लिए चयनित कई पुलिस वालों का मन इसमें नहीं लग रहा है। 20 से ज्यादा सिफारिशें तो मेरे ही पास आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मन क्यों नहीं लग रहा मैं जानता हूं। इशारों में ही वसूली पर सवाल उठा दिया। बोले, मैं जानता हूं कि वह नहीं मिल सकता इस सेवा में। कहा पुलिस को अपनी छवि बदलनी चाहिए और अपने कर्म को ईमानदारी से करना चाहिए। दुनिया की नंबर एक की पुलिस बनने की दिशा में काम करने की अहम जिम्मेदारी आप ही के कंधे पर है।
चाभी, पेट्रोकार्ड, एमडीटी और मोबाइल दिया
प्रमोद कुमार यादव को चाभी, अर्जुन सिंह को पेट्रोकार्ड, नरेंद्र सिंह को नियमावली पुस्तिका, अशोक कुमार साहनी को मोबाइल डेटा टर्मिनल, योगेंद्र मणि त्रिपाठी को मोबाइल दिया गया।
जनता को ये होंगे फायदे
- छोटे मामलों में नहीं जाना होगा थाना, पुलिस पहुंचेगी घर
- 15 से 20 मिनट में बताए जगह पर पहुंचेगी पुलिस
- यूपी-100 के पुलिसकर्मी करेंगे अच्छे व्यवहार
- फर्जी नामजदगी, मारपीट में लूट, बलात्कार जैसे आरोप नहीं लगा पाएंगे
पुलिस को होगा यह फायदा
- मात्र 12 घंटे की ही करनी होगी ड्यूटी
- छुट्टी मिलने में दिक्कत नहीं होगी
- घर के नजदीक तैनाती हो सकती है
- 2 हजार से 25 हजार तक अतिरिक्त भत्ता
वर्किंग कमेटी में आईजी भी रहे शामिल
योजना को बनाने वाले कमेटी में गोरखपुर के वर्तमान आईजी मोहित अग्रवाल भी शामिल थे। इनके अलावा एडीजी कमल सक्सेना, एडीजी अनिल अग्रवाल, एडीजी राजकुमार विश्वकर्मा, आईजी सुजीत पांडेय, दीपक रतन, सुनीता शर्मा शामिल थे।