शहर के व्यस्ततम इलाके टाउनहाल से चार लाख की दवाएं चोरी हो गईं। जिस फर्म के नाम पर दवाएं मंगाई गईं, न उसे इसकी खबर लगी और न ही ट्रांसपोर्ट कंपनी के लोग समझ पाए कि दवाएं चोरी कैसे हुई। चंद मिनटों में दवाएं गायब होने की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। कोतवाली पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
26 जनवरी को दवा मंडी भलोटिया मार्केट भी बंद था। दिल्ली-गोरखपुर ट्रांसपोर्ट सोसाइटी के ऑफिस में एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को सूर्या फॉर्मा का कर्मचारी बताया और दो दवा कंपनियों का नाम बताते हुए करीब 31 गत्ते दवाएं लाने को कहा। सोसाइटी के बाबू ने बंदी का हवाला दिया तो फोन करने वाले ने आवश्यक बताते हुए टाउनहाल के पास गंगा गैस एजेंसी सर्विस के कार्यालय के पास बुलाया। ट्रांसपोर्ट कंपनी की गाड़ी करीब चार लाख की दवा लेकर बताए गए पते पर पहुंची तो वहां पर कोई नहीं मिला। जिस नंबर से फोन आया, उस पर गाड़ी चालक ने कई बार संपर्क किया, मगर बात नहीं हो पाई।
चालक भालोटिया स्थित सूर्या फॉर्मा पर चला गया और दुकान बंद होने पर लौटा तो दवा के गत्ते गायब थे। ट्रांसपोर्ट संचालक जितेंद्र मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। भालोटिया मार्केट में इसके पहले भी इस तरह से दवाओं की चोरी हो चुकी है।