कैंट थाने में शिकायत करने पहुंचा पीड़ित राणा प्रताप सिंह।
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डीआईजी बंगले के पास मंगलवार दोपहर एक ठेकेदार को झांसा देकर बदमाश आठ लाख रुपये लेकर फरार हो गए। बैंक से रुपये निकालकर उसे दोस्त को देने के लिए वह कचहरी जा रहे थे। डीआईजी बंगले के पास हुई इस घटना से पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नही मिल सका।
बिलंदपुर यादव टोला के रहने वाले राणा प्रताप सिंह लोक निर्माण विभाग और आरईएस में ठेकेदारी करते हैं। भटहट में सड़क निर्माण का काम चल रहा है। मजदूरों को रुपये देने के लिए मंगलवार की दोपहर एक बजे भारतीय स्टेट बैंक की रेलवे शाखा से आठ लाख रुपये निकालकर घर जा रहे थे। दोपहर डेढ़ बजे के आस पास वह छात्रसंघ चौराहे से आगे वाली गली के पास पहुंचे थे तभी उनके दोस्त विनोद सिंह ने फोन कर रुपये लेकर उन्हें कचहरी के पास बुलाया।
बातचीत के दौरान पीछे से आए दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें रुपये गिरने की जानकारी दी। मोबाइल पर बात करते हुए बाइक छोड़कर राणा प्रताप सिंह सड़क पर बिखरे दस रुपये के नोट बटोरने लगे। इसी बीच डिकी में रखे आठ लाख रुपये निकालकर चारों बदमाश फरार हो गए। रुपये लेकर लौटने पर उन्होंने डिकी चेक किया तो रुपये गायब थे। युवकों के न दिखने पर घटना की जानकारी दोस्त और पुलिस को दी।
डीआईजी बंगले के पास लूट की सूचना पर एसपी सिटी हेमराज मीना, सीओ कैंट अभय मिश्रा, इंस्पेक्टर राजीव सिंह पहुंचे। पूछताछ के बाद बैंक पहुंचकर अधिकारियों ने रुपये निकासी की जानकारी ली। एसपी सिटी ने बताया कि मामले की छानबीन चल रही है। ठेकेदार ने बदमाशों की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच होने की जानकारी दी है।
आस पास नहीं है कोई सीसीटीवी कैमरा
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। डीआईजी बंगले के पास एसीसी भवन के सामने हुई घटना के बारे में पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी ली लेकिन सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण कोई सुराग नहीं मिला।