अमृतसर से सहरसा जाने वाली जनसाधारण एक्सप्रेस में सपेरे की हरकत से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। सांप करीब तक पहुंचाकर और कोच में छोड़ने की धमकी देकर यात्रियों से लूट के अंदाज में जबरन वसूली शुरू कर दी। एक मुसाफिर के ट्वीट पर आरपीएफ पहुंची लेकिन तब तक सपेरा भाग गया। सवाल यह उठा रहा है कि चौकसी और निगरानी में रहने वाले स्टेशन और ट्रेनों के बीच सांप के साथ सपेरा या कोई शख्स ट्रेन में कैसे सवार हो गया।
घटना शुक्रवार की दोपहर 3:30 बजे की है, जिस समय जनसाधारण एक्सप्रेस गोरखपुर जंक्शन से सहरसा जाने के छूटी थी। ट्रेन के एक कोच में सवार सपेरे ने गाड़ी चलते ही सांप निकालकर पहले लोगों से धार्मिक बातें की और फिर पैसे मांगने शुरू कर दिए। यात्रियों के इन्कार पर वह सांप लोगों की गर्दन तक ले जाने लगा। घबराए यात्री रकम देने को मजबूर हो गए तो उसने सांप के डर से लूट के अंदाज में मनमानी वसूली शुरू कर दी। कोच में सांप छोड़ने का डर भी बैठाया।
इसी बोगी में सवार नरकटियागंज के रहने वाले धनंजय दूबे ने कप्तानगंज के पास ट्रेन का लोकेशन बताते हुए आरपीएफ के मुख्य सुरक्षा आयुक्त (सीएससी) रतनचंद के ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर मामले की जानकारी दी। सीएससी के निर्देश पर आरपीएफ सक्रिय हुई, लेकिन तब तक ट्रेन पूर्व मध्य रेलवे के क्षेत्र में दाखिल हो चुकी थी। सूचना आगे बढ़ाने पर वहां की आरपीएफ पहुंची लेकिन तब तक उत्पाती सपेरा मनमानी रकम वसूल कर गायब हो चुका था। चौतरफा चेकिंग के दावे के बीच सांप के साथ शख्स का ट्रेन में दाखिल होना और करीब एक घंटे तक लूट के अंदाज में वसूली करना यात्रियों के बीच बड़ी चर्चा बना रहा।