तिवारीपुर के तकिया कवलदह में सोमवार की रात लैब टेक्नीशियन की लाश कमरे में फंदे से लटकती मिली। शाम को ड्यूटी से आने के बाद उन्होंने कमरा अंदर से बंद कर दिया था। पिता और मां गांव में पट्टीदार के घर तिलक में गए थे। पड़ोसियों की सूचना पर जब लोग पहुंचे तो दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
हरपुर-बुदहट के रमवापुर निवासी गोरखनाथ यादव पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में टीटीई के पद पर तैनात हैं। वह तिवारीपुर के तकिया कवलदह मोहल्ले में परिवार के साथ रहते हैं। बड़ा बेटा अभिषेक यादव (28) स्वास्थ्य विभाग में लैब टेक्नीशियन था। उनकी पोस्टिंग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जंगल कौड़िया में थी।
छोटा बेटा सर्वेश दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। सोमवार की सुबह आठ बजे अभिषेक घर से ड्यूटी करने गए। शाम 4:30 बजे ड्यूटी से लौटने के बाद उन्होंने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। मकान की दूसरे मंजिल पर काम कर रहे मजूदर शाम 5:30 बजे घर जाने के लिए निकले तो उन्हें आवाज दी लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। कई बार आवाज लगाने के बाद मजदूर पड़ोसियों को जानकारी देकर चले गए। दरवाजा अंदर से बंद होने की सूचना पहुंचे पड़ोसियों ने अभिषेक को आवाज दी।
जवाब न मिलने पर पिता गोरखनाथ को फोन किया। शाम 9:30 बजे गोरखनाथ पत्नी और छोटे भाई पारसनाथ के साथ पहुंचे। दरवाजा तोड़कर जब लोग अंदर गए तो कमरे में पंखे से साड़ी के फंदे से लटकती अभिषेक की लाश मिली। शव नीचे उतारने के बाद परिवार के लोगों ने सूचना पुलिस को दी। तिवारीपुर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
चार महीने पहले हुई थी शादी
अभिषेक की शादी नवंबर 2015 में कैंपियरगंज, गोपालपुर की साधना से हुई थी। वह जंगल कौड़िया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत हैं। एक महीने पहले वह मायके गई थीं। अस्पताल में दोनों की रोजाना मुलाकात होती थी।