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तीन माह बाद सुमित को देख जी उठे घर वाले

Wed, 24 Aug 2016 09:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
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तीन माह बाद अपहर्ताओं के चंगुल से छूटकर सिंचाई कार्यालय पहुंच गए एक किशोर को कर्मचारियों ने उसके घर वालों से मिलवा दिया। सूचना देने के दो घंटे बाद जब मौके पर किशोर के पिता पहुंचे तो बेटे को सीने से लगाकर फफक पड़े।
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चौरी चौरा क्षेत्र के मुहम्मदपुर छबैला गांव निवासी राजेश सिंह का 13 वर्षीय पुत्र सुमित सिंह कक्षा सात में पढ़ता है। तीन माह पूर्व चौरी चौरा से ही उसका अपहरण हो गया था। परिवार के लोगों ने थाने में उसके अपहरण की तहरीर दी थी पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस चुपचाप बैठ गई। सुमित की मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। बेटे के वियोग में वह टूट गई थीं। धीरे-धीरे तीन माह का समय बीत जाने पर परिवार के लोग भी बेटे के मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ चुके थे। इसी बीच बुधवार को सुबह 10 बजे सुमित गंडक बाढ़ मंडल कार्यालय पहुंच गया।

मुख्य अभियंता सिंचाई के कार्यालय में खड़ी जिप्सी को पुलिस की गाड़ी समझकर घुसे सुमित ने कार्यालय के लोगों से थाने के बारे में पूछा। उसने बताया कि उसका अपहरण कर लिया गया था। वह तीन माह बाद किसी तरह से अपहर्ताओं के चंगुल से भागकर आया है। उसकी बात सुन हतप्रभ रह गए कर्मचारियों ने उसका नाम-पता पूछकर उसके घर वालों तक संदेश भेजवाया।
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बकौल सुमित, तीन माह पूर्व दो लोग उसका चेहरा ढंककर उसे उठा ले गए थे। उसे किसी मकान के दूसरे तल पर रखा गया था। लगता था जैसे वह होटल था। उससे बर्तन साफ कराया जाता था। दोनों वक्त उसे खाने को भी नहीं मिलता था। मंगलवार को जहां वह रहता था, वहां एक बस आकर रुकी। उसने जब ड्राइवर को अपनी कहानी बताई तो उसने बस में बैठा लिया। उसी बस से वह गोरखपुर आ गया।

उसकी कहानी सुनकर सिंचाई विभाग में कार्यरत चौरी चौरा के ही निवासी लक्ष्मी नारायण ने अपने घर से बेटे के जरिये सुमित के घर संदेश भेजवाया। बेटे के गोरखपुर पहुंचने की सूचना पर सुमित के पिता कई लोगों के साथ सिंचाई विभाग के कार्यालय पहुंचे। बेटे को देख वह फफक पड़े। घर वालों को देख खुद सुमित की भी आंखें भर आईं।
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