मेडिकल कॉलेज से जेल शिफ्ट करते समय जांच रिपोर्ट में भले ही अमरमणि और मधु मणि को अवसाद ग्रस्त बताया गया है। लेकिन उनके कारागार में दाखिल होने के बाद जेल के हालात बदल से गए है। मणि दंपति के पहुंचने के बाद जेल अफसर ज्यादा डिप्रेशन में नजर आ रहे है। जेल अधीक्षक शुक्रवार से ही छुट्टी पर हैं, जबकि जेलर सहित पूरा स्टॉफ कैदियों से जुड़े हर फैसले लेने में मणि दंपति का जिक्र जरूर कर रहा है।
जेल के हालात बदलने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज से जेल पहुंचने पर जहां मधु मणि एंबुलेंस से मुख्य गेट पर ही उतर गईं, जबकि अमरमणि की एंबुलेंस मुख्य गेट के कुछ भीतर तक ले जाई गई। उसके बाद जेलर के ऑफिस में सवा घंटे तक अमरमणि से जेल अधिकारियों ने वार्ता की। हालांकि जेल अधिकारियों ने इस बातचीत को कागजी कार्रवाई करने की बात कहीं थी। इसके बाद जेल अधिकारी से लेकर बंदी रक्षक तक सभी अमरमणि की परेशानी अपने-अपने तरह से बयां कर रहे थे। सभी बातों से बस यहीं लग रहा था कि अमरमणि से ज्यादा जेल अफसर डिप्रेशन में है।
रोटी और आलू सोयाबीन की सब्जी खाई
जेल अधिकारियों के मुताबिक, आम कैदियों की तरह ही मणि दंपति का भी भोजन बना था, जिसमें रोटी और आलू सोयाबीन की सब्जी दी गई थी। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, उनका खाना शताब्दी बैरक में ही बना था। खाने की पूरी व्यवस्था जेल प्रशासन की तरफ से करवाई गई थी।
पांच लोग ने शनिवार को की मुलाकात
अमरमणि के मंडलीय कारागार में पहुंचने के बाद शुक्रवार को तो कोई उनसे मिलने नहीं आया। लेकिन शनिवार को पांच लोग उनसे मुलाकात करने पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, शताब्दी बैरक में अमरमणि के अकेले होने से देर रात जेल अधिकारी कुछ बंदियों को उनके बैरक में भेज रहे थे। लेकिन बंदियों ने उसमें जाने से मना कर दिया। इससे अमरमणि को रात अकेले में बितानी पड़ी।
दूसरे जेल में शिफ्टिंग की शुरू हुई प्रक्रिया
अमरमणि और मधु मणि मंडलीय कारागार में रहेंगे या दूसरी जेल में। इसके निर्णय के लिए शासन स्तर पर कवायद शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज से जेल पहुंचने के बाद जेल प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। अब मणि दंपति गोरखपुर, लखनऊ या फिर हरिद्वार जेल भेजे जाएंगे, इसका निर्णय होना बाकी है।