जमीन के विवाद में हुई मारपीट में घायल शख्स की मौत से गुस्साए लोगों ने दुबौली चौराहे पर शव रखकर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीण दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। आश्वासन के बाद भी ग्रामीणों के न हटने पर पुलिस बल प्रयोग कर रास्ता खाली कराया।
ब्रह्मपुर प्रतिनिधि के मुताबिक झंगहा के जंगल रसूलपुर नंबर दो के नेकवार चौहान टोला के खूबलाल चौहान तथा उत्तम निषाद के बीच जमीन को लेकर 16 नवंबर को मारपीट हो गई थी। इसमें 45 वर्षीय जगदीश घायल हो गए थे। लखनऊ में इलाज के दौरान 27 नवंबर की सुबह जगदीश की मौत हो गई। सोमवार की सुबह करीब 11 बजे घरवाले ग्रामीणों के साथ शव को नई बाजार इटौवा मार्ग स्थित दुबौली चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। इसकी सूचना मिलते ही एसओ राजेश मिश्र, बरही चौकी इंचार्ज अरविंद राय पुलिस बल के साथ पहुंच गए। उन्होंने मारपीट के मामले को गैर इरादतन हत्या की धाराओं में तरमीम करने का आश्वासन दिया लेकिन घरवाले मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। भीड़ के न मानने और जाम बढ़नेे की सूचना मिलते ही सीओ चौरीचौरा राजेश भारती, इंस्पेक्टर यादवेंद्र पाल सिंह भी मौके पर पहुंच गए। सीओ के भी समझाने के बावजूद जाम हटाने पर ग्रामीण रजामंद नहीं हो रहे थे। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को खदेड़ दिया और शव का अंतिम संस्कार कराया। करीब डेढ़ घंटे तक जाम के चलते आवागमन प्रभावित रहा। सड़क पर दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं।
झंगहा थानेदार राजेश मिश्र ने बताया कि उत्तम निषाद, उनके बेटे भीष्म पितामह, अखिलेश और ऋषिकेश के खिलाफ मारपीट, हमला, धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। एक अभियुक्त की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। अधिकारियों के निर्देश पर मुकदमे में आवश्यक धाराओं को बढ़ाया जाएगा।