फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखनाथ थाने के दरोगा समेत चार पुलिसकर्मी लाइनहाजिर

Thu, 02 Jun 2016 08:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
पुलिस
विज्ञापन
ग्राम पंचायत अधिकारी की कार का शीशा तोड़ने वाले गोरखनाथ थाने के चार पुलिसकर्मियों को एसएसपी ने बुधवार की रात लाइन हाजिर कर दिया। पीड़ित ने आईजी को प्रार्थना पत्र देकर पुलिस पर बेवजह प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। शिकायत पर सीओ गोरखनाथ को जांच करने का आदेश दिया गया है।
विज्ञापन


गोरखनाथ, अंधियारीबाग के अनिल सिंह संतकबीरनगर जिले में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर तैनात हैं। उनकी कार मोहल्ले में रहने वाला एक युवक चलाता है। सोमवार की रात कार लेकर ड्राइवर गोरखनाथ के जमुनहिया में एक शादी समारोह में गया था। रात 12 बजे लौटते समय थाने के पास दरोगा, सिपाही ने गाड़ी रोकनी चाही, लेकिन वह आगे बढ़ गया। पीछा करने पर ड्राइवर कार लेकर घर की ओर भाग निकला।

आरोप है कि गोरखनाथ थाने के दरोगा रवींद्र यादव, सत्येंद्र पांडेय, सिपाही प्रदीप, एसओ के ड्राइवर मोहसिन खान के साथ ड्राइवर के घर पहुंच गए और पिटाई कर कार सहित उसे थाने उठा लाए। आरोप है कि थाने में पुलिसकर्मियों ने कार का शीशा तोड़ दिया। अनिल सिंह पहुंचे तो उनके साथ भी बदसलूकी की गई।
विज्ञापन


मंगलवार को आईजी मोहित अग्रवाल से मुलाकात कर उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी। आईजी के निर्देश पर एसएसपी अनंत देव ने सीओ गोरखनाथ डीएन शुक्ल को मामले की जांच दिया था। जांच में आरोप की पुष्टि होने पर एसएसपी ने बुधवार रात चारों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। 

बचने के लिए बनाई मनगढ़ंत कहानी 
पुलिसकर्मियों ने मामले की जांच शुरू होने पर मनगढ़ंत कहानी बना डाली। उन्होंने कार में असलहा होने की सूचना मिलने पर चेक करने और चालक को हिरासत में लेकर थाने आने की बात बताई। चेक करने पर कार में असलहा न मिलने पर भी थाने लाने के कारण उनकी झूठ पकड़ में आ गई। आईजी की सख्ती के बाद इस मामले में कार्रवाई हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें