आए दिन 100 नंबर पर कॉल करने पर फोन न उठने की शिकायत को दूर करने के लिए अब इसे नए रूप में सामने लाया जा रहा है। ‘डायल 100’ के नाम से शुरू की जा रही इस परियोजना की मॉनीटरिंग अब प्रदेश स्तर से की जाएगी। इसका कंट्रोल रूम लखनऊ मुख्यालय पर होगा और वहीं से संबंधित जिले के जिम्मेदारों को सूचना दी जाएगी। यही नहीं हाईवे पर होने वाली घटनाओं को दूर करने के लिए 100 नंबर पर सूचना देते ही मोबाइल वैन वहां रवाना होगी।
यातायात निदेशालय लखनऊ से आए एसपी अभिषेक सिंह और टेक्नीशियन दीपक सिंह ने ये जानकारियां बुधवार को पुलिस लाइंस में आयोजित कार्यक्रम में दी। आईजी मोहित अग्रवाल की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम में डीआईजी गोरखपुर शिवसागर सिंह, डीआईजी बस्ती लक्ष्मी नारायण सिंह, डीआईजी देवीपाटन जितेंद्र प्रताप सिंह समेत जोन के सभी 11 जिलों के पुलिस कप्तान और हर जनपद से नामित किए गए पांच-पांच डिस्ट्रिक एडमिन भी मौजूद रहे।
एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि जिलों में नामित एडमिन की जिम्मेदारी है कि यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वह जिले के सभी थानों से पांच-पांच पुलिसकर्मियों को डाटा कलेक्शन के बारे में प्रशिक्षित करेंगे। डाटा कलेक्शन के दौरान इलाके में पड़ने वाले सभी मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बाजार, माल आदि की जानकारी जुटाकर एकत्र कर लें।
इस दौरान आईजी ने निर्देश दिया कि 21 अगस्त तक सभी जिलों में थाना स्तर पर पांच-पांच पुलिसकर्मियों को नामित कर बैठक की जाए। देहात क्षेत्र के थानों से कम से कम तीन-चार सौ डाटा और शहर क्षेत्र से पांच-छह सौ डाटा एकत्र किया जाए। उन्होंने त्योहारों के दौरान पुलिस कप्तानों को मुस्तैदी बरतने का निर्देश भी दिया और कहा कि महिलाओं के संबंध में होने वाले किसी भी तरह के अपराध में तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। इस मामले में थानाध्यक्षों और चौकी इंचार्जों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।