रुस्तमपुर से युवती के अपहरण की घटना फर्जी निकली। चिलुआताल क्षेत्र में रहने वाले रिश्तेदार के घर वह अपनी मर्जी से गई थी। शाम को पछतावा होने पर उसने घरवालों को फोन कर अपहरण की झूठी कहानी सुना दी। लोकेशन ट्रेस होने पर पहुंचे परिवार के लोग रात में उसे लेकर घर पहुंचे।
नौसढ़ की रहने वाली युवती शुक्रवार को रुस्तमपुर में अपनी बुआ के घर गई थी। शनिवार की दोपहर 12 बजे वह अपने घर जाने के लिए निकली लेकिन संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। मोबाइल बंद होने और शाम तक घर न पहुंचने पर परिवार के लोग परेशान हो गए। शाम को युवती ने चचेरे भाई के मोबाइल पर फोन कर बताया कि जिस टेंपो में वह सवार हुई, उसके चालक ने पहले से बैठी महिला की मदद से नशीला पदार्थ सुंघाकर उसे बेहोश कर दिया। होश आने पर वह कमरे में बंद मिली।
युवती ने बताया कि जिस जगह पर उसे रखा गया है वहां एक मंदिर है। सूचना के बाद हरकत में आई पुलिस ने जब सर्विलांस की मदद से युवती की लोकेशन पता की तो उसके चिलुआताल के काजीपुर में होने की जानकारी मिली। देर रात काजीपुर पहुंचे परिवार के लोग रिश्तेदार के यहां से उसे घर ले आए। सीओ कैंट अभय मिश्रा ने बताया कि युवती अपनी मर्जी से रिश्तेदार के यहां गई थी। अपहरण की सूचना गलत है।