जालसाज ने पहले तो दंपती को झांसा देकर सरकारी जमीन की रजिस्ट्री करा दी। दंपती ने जब जमीन के लिए दिए गए 10 लाख रुपये वापस मांगे तो आठ साल तक उलझाए रखा। पंचायत के बाद पत्नी के नाम से जालसाज ने चेक दिया वह बाउंस हो गया। जब दंपती ने उलाहना दिया तो आरोपी धमकी देने लगा। मामला गोपलापुर का है। कैंट पुलिस तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन कर रही है।
खजनी, सतुआभार के संतोष कुमार बैंकाक में रहते थे। वर्ष 2008 में गांव आने के बाद उन्होंने शहर में जमीन खरीदने के लिए प्रयास शुरू किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात बांसगांव के मंझरिया खुर्द निवासी श्याम नारायण मिश्र से हुई। सस्ती जमीन दिलाने का झांसा देकर श्याम नारायण मिश्र ने संतोष की पत्नी मीरा के नाम से 29 सितंबर 2008 और 15 अक्टूबर 2008 को गोपलापुर में पांच डिस्मिल जमीन की रजिस्ट्री करा दी। कुछ दिन बाद जब दंपती कब्जा लेने पहुंचे तो पता चला कि जिस जमीन की रजिस्ट्री हुई है वह सरकारी है। संतोष ने जब श्याम नारायण से आपत्ति जताई तो उसने रकम वापस करने या दूसरी जमीन दिलाने का झांसा देकर मामले को टाल दिया। आठ साल तक पीड़ित भागदौड़ करता रहा।
इस मुद्दे को लेकर पंचायत हुई। इसमें आरोपी ने मीरा के नाम से 10 लाख रुपये के अलावा रजिस्ट्री में खर्च हुए एक लाख रुपये के दो चेक दिए। 14 सितंबर 2016 को संतोष ने जब चेक बैंक में जमा किए तो खाते में रकम न होने से चेक बाउंस हो गए। दंपती जब उलाहना देने श्याम नारायण के पास पहुंचे तो उसने जान से मारने की धमकी देकर उन्हें भगा दिया। आजिज आकर उन्होंने पुलिस को तहरीर दी। कैंट पुलिस ने आरोपी श्याम नारायण के साथ ही रजिस्ट्री कराने वाले अधिवक्ता और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करके जालसाजी करने, धमकी देने का केस दर्ज किया है।