बैट्री और मोबाइल की दुकान चलाने की आड़ में चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले चार लुटेरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चारों को पुलिस बृहस्पतिवार को जेल भेजेंगी। बदमाशों के पास से पुलिस को चोरी की बाइक, मोबाइल, लूट की रकम के साथ साथ तमंचे, कारतूस भी बरामद हुए हैं। चारों के पकड़े जाने से नौ वारदातों का पर्दाफाश हुआ है। फरार चल रहे गिरोह के बाकी सदस्यों की पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस लाइंस में संवाददाताओं से बातचीत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंतदेव ने बताया कि लूट और चोरी की वारदातों के पर्दाफाश करने के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया गया था। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गुलरिहा क्षेत्र के रोहुआ नाला के पास से दो बाइक से जा रहे चार बदमाशों को पकड़ लिया। गाड़ी के कागजात मांगने पर उन्होंने कबूल किया की गाड़ी चोरी की है। पूछताछ में उन्होंने बाइक चोरी और लूट की कई वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की।
पूछताछ में पकड़े गए बदमाश की पहचान चिलुआताल, मानीराम के सिक्टौर निवासी प्रहलाद भारती, अमरीश विश्वकर्मा, महला गांव के राजू निषाद और देवरिया कोतवाली, खोराराम के राजकुमार के रूप में हुई। चारों के पास से पुलिस ने दो बाइक, दो तमंचा, चोरी के दो मोबाइल फोन और पांच हजार नगद बरामद किए हैं। बदमाशों ने बाइक पर गलत नंबर प्लेट लगा रखा था।
संतकबीरनगर में की थी एक लाख की लूट
चारों बदमाशों ने बताया कि उन लोगों ने संतकबीरनगर में एक लाख रुपय की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। लूट के बाद सभी ने 12-12 हजार रुपये बाट लिए थे। इसके अलावा उन लोगों ने गुलरिहा, चिलुआताल में राहजनी, चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया है।
नेता है गिरोह का सरगना
बैटरी की दुकान चलाने वाले प्रहलाद उर्फ नेता उनके गिरोह का सरगना है। उसी के इशारे पर सभी काम करते हैं। दुकान बंद होने के कगार पर थी जिसके चलते घटना किया। राजू भी मंजनू चौराहे पर मोबाइल की दुकान चलाता है। किसी कारण से दुकान बंद हो गई जिसके चलते गलत संगत में पढ़कर नेता ने उसे गिरोह से जोड़ लिया। बीए पास अमरीश फैजाबाद की मार्केटिंग कंपनी से जुड़ा था। किसी जरिए नेता उसके संपर्क में आया और वह भी कंपनी से जुड़ गया। धीरे धीरे नेता के बहकावे में आकर वह लूट, चोरी की घटनाओं में शामिल हो गया। मुंबई में लेमिनेशन का काम करने वाले राजकुमार ने भी नेता पर बरगलाने का आरोप लगाया।
चार सदस्य फरार, तीन जेल में
एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह के चार सदस्य सुधीर, अनुज तिवारी, कपिल देव और मनीष फरार चल रहे हैं। इसके अलावा मनोज, सूरज सिंह और सूरज दुबे को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज दिया गया है। फरार साथियों की तलाश में दबिश जारी है।