क्राइम ब्रांच की टीम ने सहजनवां गीडा की एक फैक्ट्री से 350 लीटर स्प्रिट और 36 हजार खाली शीशी लेकर जा रहे पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। आईजीएल के बंटी-बबली ब्र्रांड के होलोग्राम लगे शीशी में नकली शराब भरकर मऊ के मधुवन में बेचने की तैयारी थी। बरामद हुए सामान की कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस लाइंस में सोमवार को प्रेस वार्ता कर एसएसपी रामलाल वर्मा ने मामले का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि तस्कर रविवार शाम को गीडा क्षेत्र की एक फैक्ट्री से नकली शराब बनाने के लिए डीसीएम से स्प्रिट, खाली शीशी, शराब बनाने का उपकरण लेकर मऊ जा रहे थे। मुखबिर की सूचना पर सीओ क्राइम अभय मिश्रा ने सीआईयू, स्वाट टीम के साथ कालेसर मोड़ पहुंचे और एसओ सहजनवां बृजेश यादव को फोर्स के साथ बुलाकर डीसीएम और एक स्कार्पियों को रोका। तलाशी लेने पर डीसीएम से दो ड्रम में रखे 350 लीटर स्प्रिट, नौ बंडल बंटी-बबली शराब का होलोग्राम, 50 हजार रैपर, 200 एमएल की 36 हजार खाली शीशी, दो बोरा, एक गत्ते में रखा ढक्कन, पांच किलोग्राम यूरिया और 500 ग्राम नौसादर बरामद हुआ।
डीसीएम के साथ ही जीप को कब्जे में लेकर इसमें बैठे मऊ, मधुबन के दुबारी निवासी संजय कुमार कन्नौजिया, राजेंद्र पाल, गोरखपुर के राजघाट, हांसूपुर निवासी संजय गुप्ता, पिपराइच के जदवापुर निवासी मुन्ना गौड़, गुलरिहा के झुंगिया बाजार निवासी जितेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि पप्पू नाम का व्यक्ति नकली शराब बनाने वाले गैंग का सरगना है। गीडा में स्थित फैक्ट्री मालिक भी इसमें शामिल है, जिसकी तलाश चल रही है। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए सामान की कीमत करीब 25 लाख रुपये है। दोपहर बाद पांचों तस्करों को जेल भेज दिया गया।
मऊ के मधुवन में तैयार करते थे शराब
एसएसपी ने बताया कि तस्कर मऊ के मधुबन स्थित गोदाम में स्प्रिट से नकली शराब तैयार कर बंटी-बबली का रैपर लगाकर पूर्वांचल और बिहार के भागलपुर में ले जाकर बेचते हैं। रैकेट में शामिल बदमाश तीन साल से यह धंधा कर रहे हैं।
गोरखपुर से होती है स्प्रिट एल्कोहल की सप्लाई
नकली देसी शराब बनाने के धंधे में शामिल लोग गोरखपुर से स्प्रिट की सप्लाई करते हैं। 20 दिन पहले भी बांसगांव पुलिस ने कौड़ीराम के पास आजमगढ़ के दो युवकों को गिरफ्तार कर नकली शराब बनाने के लिए ले जाई जा रही स्प्रिट बरामद की थी। इससे पहले गगहा और बड़हलगंज पुलिस ने भी स्प्रिट बरामद किया था। इस रैकेट में बेलीपार क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति का नाम सामने आया था लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी।