पुनरीक्षण अभियान में लापरवाही पर सदर क्षेत्र के 11 बीएलओ के खिलाफ तहसील प्रशासन ने सोमवार की रात एफआईआर दर्ज कराया है। तहसीलदार सदर सत्येंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इन बीएलओ के न तो फोन उठ रहे थे और न ही पुनरीक्षण के तहत की गई कार्रवाई की ही कोई रिपोर्ट तहसील प्रशासन को मिल रही थी। जिन बीएलओ पर एफआईआर कराई गई है उनमें आधे से अधिक सहायक अध्यापक और बाकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक जिले में अभी 500 से अधिक बीएलओ कार्रवाई की जद में है। जल्द ही इनपर भी सख्ती हो सकती है।
दरअसल जिले की मतदाता सूची में करीब आठ हजार फर्जी नाम चिह्नित किए गए हैं इन वोटरों में से करीब दो हजार ऐसे वोटर हैं जिनके नाम दो या उससे अधिक विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज हैं तो वहीं तीन हजार वोटर मर चुके हैं। इसी तरह 3200 वोटर जिले से दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। इनके अलावा अब तक 8636 वोटरों के नाम काटे जा चुके हैं तो 6474 नए वोटर बने हैं।
बता दें कि एक ही वोटर के दो या दो से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में नाम को लेकर आयोग काफी सख्त है। लोकसभा चुनाव 2014 के पहले से ही ऐसे वोटरों को चिह्नित कर उनके मूल निवास को छोड़ बाकी विधानसभाओं से उनके नाम काटे जा रहे हैं। जिले में अभी करीब 34 लाख वोटर हैं जिनमें से करीब 19 लाख पुरुष और 15 लाख महिला वोटर हैं।
इनपर हुई कार्रवाई-
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अराधना, शांति देवी, सहायक अध्यापक आरती द्विवेदी, प्रमोद कुमार, पुष्पेंद्र पाल, राधेश्याम मिश्र, गीता श्रीवास्तव, अंगूरा पाण्डेय, विनोद त्रिपाठी, रामरत्ते तथा नलकूप चालक रामसोहारत
विस क्षेत्र ---------------- मृतक ------ शिफ्टेड------ दो से अधिक विस क्षेत्र के वोटर
कैं पियरगंज --------------345---------- 562---------- 197
खजनी -------------------311---------- 321---------- 499
ग्रामीण ------------------447---------- 514---------- 174
शहर ---------------------133---------- 335---------- 118
चिल्लूपार ---------------795---------- 593---------- 153
चौरीचौरा ----------------330---------- 381---------- 336
पिपराइच ---------------523---------- 164---------- 208
बांसगांव ----------------121---------- 238---------- 84
सहजनवां --------------158---------- 187---------- 165