पुनरीक्षण अभियान में लापरवाही पर जिला प्रशासन ने फिर सख्ती करते हुए मंगलवार को भी 10 बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) पर एफआईआर दर्ज कराई। ये सभी बीएलओ गोरखपुर शहर और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में तैनात हैं। इनमें सबसे ज्यादा जीडीए के कर्मचारी हैं। एसडीएम सदर के निर्देश पर सोमवार को भी 11 बीएलओ के खिलाफ कैंट में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
दरअसल मतदाता सूची की खामियों को दुरुस्त करने के लिए निर्वाचन आयोग की तरफ से पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जिले की वोटर लिस्ट में करीब आठ हजार फर्जी मतदाता चिह्नित किए गए हैं। इनमें दो हजार ऐसे मतदाता हैं जिनके नाम दो या उससे अधिक विधानसभा की सूची में हैं तो करीब तीन हजार वोटर दिवंगत हो चुके हैं, जबकि 32 सौ वोटर दूसरे जिले में शिफ्ट हो गए। आयोग इन मतदाताओं के खिलाफ कार्रवाई की रोजाना मानीटरिंग कर रहा है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम (प्रशासन) लवकुश तिवारी ने बताया कि जिले में करीब आठ सौ ऐसे बीएलओ चिह्नित किए गए हैं जो पुनरीक्षण अभियान में रुचि नहीं ले रहे हैं। किसी का फोन नहीं उठ रहा तो कोई रिपोर्ट नहीं दे रहा। ऐसे सभी बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पहले उन्हें चेताया जा रहा है और अगर उसके बाद भी उनके रवैये में सुधार नहीं दिख रहा तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
इनपर दर्ज हुआ मुकदमा
जीडीए लिपिक मुदित वर्मा, जितेंद्र मिश्रा, सरोज मिश्रा, अभय श्रीवास्तव, आशीष कुमार, नगर निगम कर्मचारी रामनगीना, रामनारायण, अजीत चौहान, आंगनबाड़ी सहायिका उर्मिला सिंह, नीलम सिंह।
बांसगांव में भी 42 बीएलओ पर केस की तैयारी
आयोग और डीएम की सख्ती के बाद बांसगांव में भी लापरवाह बीएलओ पर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। एसडीएम बांसगांव बलराम सिंह ने मंगलवार को तहसील के 42 बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। देर शाम तहरीर तैयार की जा रही थी।