गोरखपुर। शाहपुर की अशोकनगर कॉलोनी में बुधवार की रात नेत्र परीक्षक और उनके पांच साल के बेटे की घर में हत्या कर दी गई। पिता को जहां हथोड़े से मारा गया वहीं पुत्र का गला कस दिया गया था। हत्यारे दूसरे कमरे में सोई उनकी पत्नी के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर भाग गए।
पुलिस इस वारदात को रंजिश से जोड़कर देख रही है। नेत्र परीक्षक की मां की तहरीर पर शाहपुर थाने में अज्ञात पर लूट और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
गाजीपुर, खलनचक के रहने वाले ओमप्रकाश यादव (40) नेत्र परीक्षक थे। राधिका कॉम्पलेक्स में जूम ऑप्टिकल्स नाम से उनकी दुकान है। वे अशोक नगर में अपने बड़े भाई बलरामपुर, उतरौला कोतवाली प्रभारी राजकुमार यादव के मकान में दूसरी मंजिल पर पत्नी अर्चना और पांच साल के बेटे नितिन के साथ रहते थे, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर राजकुमार की पत्नी और मां रहती है।
प्रथम तल को उन्होंने महराजगंज, निचलौल के रहने वाले ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव को किराए पर दिया है। मकान के अगले हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे मजदूरों के आने पर ओमप्रकाश की मां बागेश्वरी देवी ने दरवाजा खोला।
मजदूर जब दूसरे तल पर काम करने पहुंचे तो उन्हें अर्चना के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। मजदूरों के बताने पर बागेश्वरी देवी किराएदार के साथ दूसरे तल पर पहुंचीं। बाहर से बंद अर्चना के कमरे का दरवाजा खोल जब वह बेटे के कमरे में पहुंचीं तो बिस्तर पर पड़ी खून से सनी उसकी लाश देख सन्न रह गईं। सिर पर हथौड़े से हमला करने के बाद ओम प्रकाश का गला दबाया गया था।
बगल में ही पौत्र नितिन की भी लाश पड़ी थी। उसके गले पर चोट के निशान थे।
मजदूरों के बताने पर आसपास के लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम के साथ ही राजकुमार को दी। बागेश्वरी देवी ने तहरीर में बेटे का मोबाइल और चेन लूटने का भी जिक्र किया है। फॉरेंसिक टीम के साथ डीआईजी, एसएसपी, एसपी (सिटी) भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। बिस्तर के पास पुलिस को हत्या में इस्तेमाल हथौड़ा मिला है।
नेत्र परीक्षक और उनके बेटे की हत्या में घटनास्थल से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। क्राइम ब्रांच के साथ ही शाहपुर थाने की पुलिस छानबीन कर रही है। - आरके चतुर्वेदी, डीआईजी