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ड्राइवर ने की थी डिप्टी चीफ इंजीनियर और उनकी पत्नी की हत्या

Sun, 10 Jan 2016 08:51 PM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
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विंध्यवासिनी नगर कालोनी निवासी पूर्वोत्तर रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर और उनकी पत्नी की हत्या ड्राइवर अनवर उर्फ पिंटू ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर की थी। आंगन के रास्ते में घर में घुसे अनवर और उसके साथियों ने संजय और तूलिका की हत्या करने के बाद आधे घंटे तक लूटपाट की।
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पुलिस ने अनवर के साथ ही उसे संरक्षण देने के आरोप में उसके मामा को भी गिरफ्तार कर लिया। हालांकि दोहरे हत्याकांड में शामिल उसके तीन साथी पुलिस को चकमा देकर भाग निकले। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने लूटे गए जेवरात, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया है।

पुलिस लाइंस में रविवार की शाम प्रेस वार्ता में एसएसपी ने इस हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कोतवाली के जटाशंकर का रहने वाला अनवर उर्फ पिंटू शाहपुर में एके ट्रेवल एजेंसी में ड्राइवर था। शहर से बाहर जाने के लिए डिप्टी चीफ इंजीनियर संजय श्रीवास्तव उसे ही साथ लेकर जाते थे। संजय से उसकी पहचान 2013 में हुई थी। उसे घर के कोने-कोने की जानकारी थी।
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लूट की योजना बनाने के बाद वह सात जनवरी की रात डेढ़ बजे मुहल्ले के गोलू, सोनू उर्फ रेहान और राजू के साथ छत पर चढ़ गया। वहां से फाइबर की सीट खोलकर सभी आंगन के रास्ते घर में घुस गए। कमरे की कुंडी तोड़ने के बाद चारों बदमाशों ने संजय श्रीवास्तव, एचपी स्कूल की प्रिंसिपल और उनकी पत्नी तूलिका श्रीवास्तव की गले और सीने पर चाकू से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद घर में रखे जेवर और 26 हजार रुपये कैश लूट लिए। वारदात के बाद बदमाश जेवर, लैपटॉप, मोबाइल लेकर मेन दरवाजे से निकल गए।

एसएसपी के मुताबिक पकड़े जाने के डर से अनवर अपने साथियों के साथ फतेहपुर, थरियावां के बेती सदाद गांव में रहने वाले मामा महताब हुसैन के घर चला गया था। संजय की डायरी से उसका नाम और मोबाइल नंबर मिला। छानबीन के बाद क्राइम ब्रांच की टीम फतेहपुर भेजी गई, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। परिवार के लोगों ने अनवर और उसके मामा के गोरखपुर जाने की जानकारी दी। इस बीच शनिवार की रात पुलिस ने कांशीराम आवास के पास से अनवर और उसके मामा महताब हुसैन को गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि उसके तीन साथी चकमा देकर भाग निकले। पूछताछ में उसने वारदात में शामिल होना स्वीकार कर लिया। अनवर के पास मिले बैग की तलाशी लेने पर उसमें तूलिका श्रीवास्तव के लूटे गए गहने, घड़ी, लैपटॉप और मोबाइल मिला। बकौल एसएसपी, अनवर पर शाहपुर थाने में वर्ष 2009 में चोरी का केस दर्ज हुआ था। फरार चल रहे उसके तीन अन्य साथियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीआईजी आरके चतुर्वेदी ने वारदात का त्वरित खुलासा करने वाली क्राइम ब्रांच की टीम को 10 हजार रुपये इनाम दिया है।

पांच जनवरी को की थी घर की रेकी
अनवर ने अपने साथी सोनू और गोलू के साथ पांच जनवरी को संजय के घर की रेकी की थी। एक जनवरी को वह इंजीनियर और उनकी पत्नी को कार से लेकर लखनऊ गया था। बाराबंकी में हादसा होने के बाद कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। हादसे के बाद संजय और तूलिका किराए पर दूसरी कार लेकर घर लौट आए थे। क्षतिग्रस्त कार बनवाने के बाद अनवर इसी दिन गोरखपुर लौट आया। दोपहर बाद कार पहुंचाने के लिए वह अपने दो साथियों को लेकर इंजीनियर के घर गया था।

हत्या के बाद लूट की बनाई थी योजना
अनवर और उसके साथियों ने इंजीनियर और उनकी पत्नी की हत्या के बाद घर में लूट करने की योजना बनाई थी। सभी के पास चाकू था। कुंडी तोड़कर कमरे में दाखिल होने के बाद उन्होंने पति-पत्नी को संभलने का भी मौका नहीं दिया। पहले चारों ने तूलिका की हत्या की। गोलू ने उनका पैर पकड़ा था, जबकि सोनू ने चाकू से गला रेत दिया। इसके बाद अनवर ने राजू के साथ मिलकर संजय के गले पर चाकू से वार कर दिया।

मां के जरिये हत्यारोपी तक पहुंची पुलिस
अनवर तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा है। उसके पिता इकबाल से विवाद होने के बाद मां ने काशीराम आवास में रहने वाले युवक से दूसरी शादी कर ली। वह दो बच्चों के साथ वहीं रहती है। हत्यारोपी के फतेहपुर में होने की जानकारी के बाद क्राइम ब्रांच की टीम अनवर की मां को हिरासत में लेकर महिला थाने चली आई। पूछताछ के बाद उसने अपने भाई का पता बताया। पुलिस ने कई बार फोन से दोनों की बात भी कराई।
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