झरना टोला मर्डर केस का पर्दाफाश करते एसएसपी साथ में एसपी सिटी। बीच में खड़ा आरोपी (गमछा लपेटे हुए)।
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झरना टोला में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में पुलिस आरोपी टेंपो चालक का डीएनए टेस्ट कराएगी ताकि सबूतों को पुख्ता किया जा सके। इसके साथ ही आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए पुलिस लगातार पैरवी करेगी। हत्याकांड की मानीटरिंग कर रहे आईजी मोहित अग्रवाल ने इस संबंध में काम करने को आदेश जारी कर कर दिया है।
मालूम हो कि झंगहा थाना क्षेत्र के राजी राजधानी निवासी सीआरपीएफ हवलदार जवाहर कन्नौजिया ने झरना टोला में मकान बनवाया है। 29 मई 2015 की रात जवान की पत्नी रजिया और उनके तीन बच्चों की हत्या कर दी गई थी। दो दिन बाद जवाहर के साले रामू मकान पर पहुंचे तब घटना की जानकारी हुई। इस मामले में पुलिस ने 10 माह बाद घटना का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आरोपी टेंपो चालक अरुण कुमार दीक्षित को गिरफ्तार कर हवलदार के पत्नी से नजदीकी संबंध को बताया है। सोमवार को घटना का पर्दाफाश होने पर घर वालों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी डीएनए टेस्ट कराकर घटना में उसके शामिल होने के संबंध में सबूत जुटाए जाएंगे। घटना के बाद पुलिस की फॉरेसिंक टीम ने मृतकों के नाखून, बाल, खून सहित कई सैंपल लिए थे। बलात्कार की पुष्टि के लिए भी पुलिस ने सैंपल लिया था। आरोपी का सैंपल लेकर पुलिस जांच के लिए लैब में भेजेगी और उसका डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट विवेचना में शामिल की जाएगी। इसके अलावा दिन प्रतिदिन दिन सुनवाई के लिए पुलिस विशेष पैरवी करेगी।
घटना को लेकर सवाल खड़ा करना गलत हैं। पर्दाफाश पूरी तरह से सही है। डीएनए टेस्ट कराकर सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा। मामले की सुनवाई के लिए भी पैरवी की जाएगी। अभियुक्त को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
- मोहित अग्रवाल, आईजी जोन