वाहन चोरी और कोर्ट में पेशी पर सिपाही की हत्या के एक आरोपी को दिल्ली कोर्ट में पेशी पर ले जाते समय सिपाहियों की लापरवाही सामने आई है। मंडलीय कारागार में बंद एक विचाराधीन बंदी मनोज ओझा को दिल्ली कोर्ट में पेश कराने के बाद वापस लौटते समय सिपाहियों ने अपनी ऑटोमेटिक असलहा दे दिया था। बंदी ने असलहा हाथ में लेकर फोटो भी खिंचवाई और उसे फेसबुक पर अपलोड कर दिया। डेढ़ महीने बाद इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
22 जून 2011 को गोरखपुर कोर्ट में मनोज ओझा की पेशी थी। पेशी के बाद कांस्टेबल अशोक कुमार गौड़ की तारामंडल क्षेत्र में हत्या कर मनोज साथियों के साथ फरार हो गया था। इस मामले में मनोज ओझा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसके ऊपर दस हजार का इनाम घोषित किया था। मनोज शातिर वाहन चोर है, गाड़ी चोरी करने और उसका फर्जी कागजात तैयार करने का धंधा करता है।
21 फरवरी 2016 को मनोज ओझा की दिल्ली कोर्ट में पेशी थी। पुलिस अभिरक्षा में मनोज को दिल्ली कोर्ट में पेशी के लिए भेजा गया था। 22 फरवरी को वापस ट्रेन से सिपाही उसे लेकर गोरखपुर आ रहे थे। सूत्रों के मुताबिक लखनऊ में ट्रेन बदलकर दूसरी ट्रेन से गोरखपुर आना था। इस दौरान मनोज ओझा को लेकर सिपाही प्लेटफार्म पर खड़े थे।
इस दौरान मनोज ने अपनी एक फोटो खिंचवाई और उसे फेसबुक पर अपलोड कर दी। उसके बाद ट्रेन की एसी बोगी में सिपाहियों की एक ऑटोमेटिक असलहा लेकर उसने फोटो खिंचवाई और उसे भी फेसबुक पर अपलोड कर दिया। हालांकि सूत्र यहां तक बताते हैं कि लखनऊ में रुकने के दौरान दावत का भी इंतजाम किया गया था।
मनोज ने जिस फेसबुक पर फोटो अपलोड की थी वह Tongpandat पर फोटो पड़ी हुई थी। इस मामले में मनोज को पेशी पर ले जाने वाले सिपाहियों की लापरवाही सामने आई है।
गोरखपुर और दिल्ली में दर्ज है मुकदमे
गोरखपुर में अपराध संख्या 405/11 धारा 379/11, आईपीसी थाना कैंट, अपराध संख्या 235/11 धारा 41/411, 420, 467, 468, 471 आईपीसी थाना खोराबार। दिल्ली में दर्ज केस अपराध संख्या 109/11 धारा 379 आईपीसी थाना एसएल कॉलोनी।
विचाराधीन कैदी के हाथ में बंदूक देना बहुत गंभीर मामला है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- शिव सागर सिंह, डीआईजी