हरिसेवकपुर नंबर दो गांव में दो पक्षों के विवाद को हल्के में लेने वाले गुलरिहा थाने के सिपाही को एसएसपी ने शुक्रवार दोपहर सस्पेंड कर दिया। दो दिन पहले छींटाकशी को लेकर हुई कहासुनी के विवाद में उसने त्वरित कार्रवाई नहीं की थी। अधिकारियों को भी इस मामले की जानकारी नहीं हो पाई। अगले दिन इस बात को लेकर विवाद हो गया था।
19 जून को हरसेवकपुर नंबर दो गांव के रहने वाले गोबरी के पोता और पोती दरवाजे पर बैठे थे। गांव के चार युवकों ने उनके ऊपर कमेंट कर दिया था। विरोध करने पर कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। शाम का थाने पहुंचे गोबरी ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। थाने से हॉक दस्ते के सिपाही मौके पर पहुंचे। मामला दो पक्ष का होने के बाद भी उन्होंने अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी। त्वरित कार्रवाई न होने के कारण 20 जून को दोनों पक्ष के बीच मारपीट हो गई जिसमें कई लोग घायल हो गए। मामला सज्ञान में आने के बाद अधिकारियों ने इसकी जांच कराई तो सिपाही शैलेंद्र सिंह की लापरवाही सामने आई। सीओ की रिपोर्ट पर एसएसपी ने शुक्रवार की दोपहर उसे निलंबित कर दिया।
तिवारीपुर के जिम्मेदारों पर नहीं हुई कार्रवाई
गोरखपुर। तिवारीपुर में बवाल के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिकायत मिलने के बाद भी चार दिन थानेदार ने मामला दबाएं रखा। 20 जून को विवाद गहराने पर पंचायत शुरू कराई। बातचीत से मामला न सुलझ पाने पर शाम को अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। अगले दिन पंचायत के दौरान थाने के सामने ही बवाल हो गया। शुरूआती जांच में एसओ की लापरवाही सामने आई भी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक पक्ष एसओ की भूमिका पर लगातार सवाल उठाता रहा।