सीएम से मिलते पीड़ित परिवार के सदस्य।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में डीएम और एसएसपी को तलब कर खराब कानून-व्यवस्था पर हिदायत दी। सीएम ने कोतवाली के दीवान बाजार में घी, तेल कारोबारी चंद्र प्रकाश टिबड़ेवाल की हत्या कर लूट का पर्दाफाश 48 घंटे में करने का आदेश दिया। सीएम ने साफ कहा लूटी गई पूरी रकम की बरामदगी होनी चाहिए। अपराधी पकड़े जाए चाहे जितनी भी टीमें लगानी पडे़। पर्दाफाश तय समय में नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृत व्यापारी के गृह जनपद जाने का भरोसा भी दिलाया है। 26 मई को मुख्यमंत्री फिर गोरखपुर आएंगे। इसी दौरान महराजगंज जा सकते हैं।
बृहस्पतिवार को दीवान बाजार के घी, तेल कारोबारी चंद्र प्रकाश की गोली मारकर हत्या करने के बाद बदमाशों ने दस लाख रुपये लूट लिए थे। इस घटना के बाद से ही व्यापारियों में आक्रोश है। वहीं पुलिस की पहुंच से बदमाश अभी तक दूर हैं। इसी सिलसिले में पीड़ित परिवार (मृत व्यापारी चंद्र प्रकाश की पत्नी सुनीता, बेटी आस्था और बेटा स्वयं) शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने सर्किट हाउस पहुंचा। व्यापारी नेता अशोक लोहिया, व्यापारी सज्जन टिबड़ेवाल, अमन टिबड़ेवाल, प्रमोद जायसवाल के साथ सीएम के पास पहुंचे पीड़ित परिवार ने दर्द बयां किया।
पत्नी सुनीता ने कहा कि चंद्रप्रकाश सीएम का गुणगान करते थे। कहते थे कि महराज जी सीएम बन गए हैं। अब गुंडागर्दी खत्म हो जाएगी लेकिन गुंडों ने उन्हें ही मौत की नींद सुला दिया। घर में बेटी, बेटा और सास-ससुर हैं। अब परिवार कैसे चलेगा, यह सोचकर रूह कांप जाती है। इस पर सीएम ने सुनीता से किसी से व्यक्तिगत रंजिश या विवाद की जानकारी ली। सुनीता ने मना किया तो सीएम ने ढांढस बंधाया। साथ ही डीएम, एसएसपी को तलब कर पूछा कि हत्याकांड का खुलासा कब होगा, फिर सीएम ने ही 48 घंटे के अंदर केस खोलने का आदेश दिया।
पुलिस की बेरुखी ने बढ़ाया पत्नी का दर्द
सर्किट हाउस में सीएम के बुलावे पर मृत कारोबारी चंद्रप्रकाश की पत्नी सुनीता बच्चों के साथ पहुंची थीं लेकिन पुलिस की बेरुखी ने सुनीता का दर्द बढ़ा दी। पहले तो गेट से पुलिस ने एंट्री ही नहीं दी फिर किसी तरह से एंट्री मिली तो चिलचिलाती धूप में प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठाकर छोड़ दिया। धूप में सुनीता कई बार बदहवास हो जा रही थीं। करीब एक घंटे के बाद सुनीता सीएम से मिली। उधर, सीएम को जब इसकी जानकारी हुई तो अफसरों पर नाराजगी जताई और सुनीता को न्याय का भरोसा दिया।