सफाई निरीक्षक (हाथ में मोबाइल और हेल्मेट लिए हुए) को बंधक बनाए लोग
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आर्यनगर पार्षद द्वारा सफाई इंस्पेक्टर को बंधक बनाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने पार्षद के खिलाफ मारपीट, बंधक बनाने और दलित उत्पीड़न की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। उधर, पार्षद ने भी नगर आयुक्त, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ तहरीर दी है।
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर हर किसी को शिकायत रहती है। कमिश्नर के निरीक्षण में यह बात साबित हो चुकी है। सबसे खराब स्थिति ठेके पर सफाई व्यवस्था वाले वार्ड में है। जहां 25 कर्मचारियों की तैनाती है, वहां 8-10 सफाई कर्मचारी ही प्रतिदिन आते हैं। इससे आजिज आकर आर्यनगर वार्ड के पार्षद राजेश जायसवाल ने बुधवार को सफाई इंस्पेक्टर श्रवण सोनकर को बंधक बना लिया था। उस वक्त सोनकर वार्ड में निरीक्षण करने पहुंचे थे।
श्रवण सोनकर की ओर से कोतवाली थाने में दी गई तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया है कि बंधक बनाने के अलावा उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मारपीट भी की गई। इसी तहरीर के आधार पर पार्षद के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मारपीट, बंधक बनाने और दलित उत्पीड़न की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
नगर आयुक्त और स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ पार्षद ने दी तहरीर
मुकदमा दर्ज होने की सूचना के बाद पार्षद राजेश जायसवाल भी अपने समर्थकों के साथ कोतवाली थाने पहुंचे और नगर आयुक्त और नगर निगम के मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ तहरीर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह महीने से वार्ड में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। कई बार नगर आयुक्त और मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी से शिकायत करने पर भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 18 मई को सफाई इंस्पेक्टर श्रवण सोनकर मोहल्ले के रास्ते से गुजर रहे थे तो लोगों ने उन्हें रोक लिया और सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताने लगे। इसके बाद सफाई इंस्पेक्टर नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी से बात करने के बाद लोगों को जान से मारने की धमकी देने लगे।