सहजनवां में मतदान स्थल के बाहर से पार्टियों के एजेंट और मतदाता का अपहरण कर बंधक बनाने का मामला सामने आया है। करीब दो घंटे बाद कंट्रोल रूम को सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सभी को मुक्त कराया। इस मामले में बसपा प्रत्याशी जीएम सिंह के दो बेटे, भतीजे समेत कई लोगों के खिलाफ अपहरण और बंधक बनाने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
सहजनवां प्रतिनिधि के मुताबिक वार्ड नंबर पांच निवासी शिवगोविंद सिंह भाजपा के पोलिंग एजेंट के रूप में मस्करा इंटर कॉलेज में थे। वहीं पर सपा प्रत्याशी के एजेंट विकास यादव और नित्यानंद यादव भी थे। मतदान करने आए हिमांशु सिंह भी कॉलेज के बाहर खड़े थे। आरोप है कि सभी एजेंट बाहर पानी पीने के लिए आए, तभी बसपा प्रत्याशी जीएम सिंह के बेटे सुधांशु सिंह, हिमांशु सिंह और भतीजा कौशल सिंह ने साथियों के साथ पहुंचकर चारों का अपहरण कर लिया और पास के एक घर में सभी को बंधक बना लिया। कुछ देर बाद उधर से गुजर रहे एक बीजेपी समर्थक की नजर उन पर पड़ी तो उसने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने चारों को मुक्त कराया। आरोप है कि चारों को आरोपियों ने जान से मरने की धमकी भी दी। पुलिस ने शिवगोविंद की तहरीर पर जीएम सिंह के दोनों बेटे, भतीजा समेत कई अज्ञात के खिलाफ अपहरण करने और बंधक बनाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
साड़ी और रुपये बांटते चार को पकड़ा
जिले के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में पुलिस ने साड़ी और नकदी बांटते चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बेलीपार प्रतिनिधि के मुताबिक ककराखोर गांव में शुक्रवार रात करीब दो बजे पवन कुमार चौहान व तहसीम को शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पांच साड़ियां बरामद हुईं। पकड़े गए लोग सपा प्रत्याशी के समर्थक बताए जा रहे हैं। सरहरी प्रतिनिधि के मुताबिक पिपराइच में दो लोगों को देर रात गांव वालों ने रुपये बांटते पकड़ा। बसपा प्रत्याशी के समर्थक बताए जा रहे दोनों लोगों को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले कर दिया। उनके पास से 10 हजार रुपये नकद बरामद हुए।
मार्कर के इस्तेमाल पर हंगामा
पिपराइच के बूथ संख्या 167 पर ईवीएम में हाथी चुनाव चिह्न के सामने किसी ने मार्कर से निशान लगा दिया था, जिसे लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और हंगामा शुरू हो गया। मतदान अधिकारी ने इसे किसी की शरारत बताकर लोगों को शांत कराया। इस दौरान करीब 15 मिनट तक मतदान प्रभावित रहा।