सरकारी योजनाओं के आवंटन को लेकर प्रधान से रिश्वत मांगने वाले बीडीओ को विजिलेंस टीम ने बुधवार को दबोच लिया। टीम ने बीडीओ को शहर में स्थित उसके आवास से रंगेहाथ पंद्रह हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया है। तीन सितंबर को ही प्रधान ने विजिलेंस टीम से इसकी शिकायत की थी।
उप्र सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर के इंस्पेक्टर तथा ट्रैप टीम के प्रभारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि बांसगांव ब्लॉक के ग्राम पंचायत कटवर के प्रधान ओंकारनाथ यादव ने अधिष्ठान के पुलिस अधीक्षक से तीन सितंबर को शिकायत की थी कि गांव में पांच इंदिरा आवास तथा 45 शौचालय स्वीकृत किए गए हैं। लाभार्थियों का पैसा रिलीज करने के लिए बीडीओ गोपीनाथ पाठक प्रत्येक लाभार्थी से तीन-तीन हजार तथा प्रत्येक शौचालय के लिये 500-500 रुपये रिश्वत मांग रहे हैं। अधीक्षक ने इसकी जब गोपनीय जांच कराई तो मामला सही पाया गया। फिर उप्र शासन के गृह सचिव की अनुमति मिलने पर बुधवार को ट्रैप टीम ने अपना जाल बिछाया।
ग्राम प्रधान को टीम ने शाम करीब 4:30 बजे बीडीओ के सरकारी आवास पर 15,000 हजार रुपये देकर भेजा। प्रधान ने रकम बीडीओ को सौंपते हुए शेष रकम बाद में देने के लिए मोहलत मांगी। प्रधान के बाहर आते ही ट्रैप टीम ने अंदर पहुंचकर रुपये गिनते हुए बीडीओ को रंगे हाथ दबोच लिया और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर बांसगांव थाने में हवालात में डाल दिया। इस मामले में जंगल कौड़ीया के बीडीओ संदीप सिंह तथा विकास भवन में तैनात नाजिर शशिकांत मिश्रा को गवाह बनाया गया है। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी इंस्पेक्टर विनय कुमार सिंह के साथ निरीक्षक रामदयाल चौहान, केदार प्रसाद गुप्ता बगेदू आदि शामिल थे।