मेडिकल कॉलेज में सोमवार की देर रात जमकर बवाल हुआ। सड़क हादसे में घायल शख्स को लेकर पहुंचे असलहों से लैस तीमारदारों ने डॉक्टर से न सिर्फ मारपीट की बल्कि उनके अपहरण की कोशिश भी की। गार्ड और अन्य कर्मचारियों के जुटने पर तीमारदार डॉक्टर को छोड़ शव लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामले में सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी देने और 7 सीएलए की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
सोमवार की रात 1:45 बजे के करीब स्कार्पियो में सवार आधा दर्जन लोग एक घायल को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों ने जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। इससे वे भड़क गए और अपशब्द कहते हुए सीनियर डॉक्टर को बुलाने को कहा। जूनियर डॉक्टर ने इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. राकेश चतुर्वेदी को आवाज दी। इस पर मनबढ़ों ने असलहा निकाल लिया और सीधे डॉ. राकेश के पास पहुंचे और उन्हें जबरन खींचते हुए मरीज के पास ले लाए। उन्होंने भी जांच के बाद उसे मृत बताया। इससे भड़के मनबढ़ों ने डॉक्टर को पीटते हुए जबरन गाड़ी में बैठा लिया। इसी बीच गार्ड और कई कर्मचारी भी वहां एकत्र हो गए। इस पर मनबढ़ों ने डॉक्टर को गाड़ी से उतार दिया और शव लेकर फरार हो गए।
घटना से नाराज जूनियर डॉक्टर प्राचार्य के आवास पर शिकायत लेकर पहुंचे। प्राचार्य ने रात में ही डीएम और एसएसपी से फोन पर बात की, जिसके बाद गुलरिहा थानेदार फोर्स के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। कुछ लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में भी लिया गया, जिन्हेें पूछताछ करने के बाद पुलिस ने छोड़ दिया। घटना से डॉक्टरों में काफी गुस्सा है। डॉ. राकेश ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है, जिसमें दिए गए गाड़ी नंबर के आधार पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।