सहजनवां के जोगिया उर्फ खजुरही गांव में जमीन पर कब्जे के मामले में पहुंची पुलिस विरोध में घिर गई। भीड़ ने न सिर्फ हॉक दस्ते सिपाहियों को काफी देर बंधक बनाए रखा बल्कि हमला करके पिस्टल और बाइक भी छीन ली।
विवाद फूलचंद ढाढ़ी और लालचंद के गांव के बाहर की जमीन पर छप्पर डालने से शुरू हुआ था। दोनों अपने हक में जमीन का पट्टा बता रहे थे। गांव के चंद्रिका यादव ने अपनी जमीन का दावा करते हुए विरोध किया। शनिवार रात जमीन पर दीवार निर्माण शुरू हुआ तो कुछ लोगों ने उसे ध्वस्त कर दिया। विवाद की सूचना पर पिस्टल से लैस हॉक दस्ते के सिपाही कपिलदेव पांडेय और विजय यादव मौके पर पहुंचे। भीड़ जुटी जिसमें जमीन पर फूलचंद और लालचंद के पक्ष की वकालत करने वाले ज्यादा थे।
सिपाहियों पर चंद्रिका यादव के पक्ष में सक्रिय होने का आरोप लगाते हुए लोगों ने घेराबंदी की तो बचाव में एक सिपाही ने पिस्टल निकाल ली। इस पर टूटी भीड़ ने हमला करके पिस्टल और बाइक छीन ली। जानकारी पर एसओ यादवेंद्र पाल ने भीड़ को समझाकर दोनों सिपाहियों को मुक्त कराया। प्रधान के सहयोग से पिस्टल और बाइक कब्जे में ली।
दोनों का मेडिकल कराने के बाद सिपाही कपिल की तहरीर पर फूलचंद सहित 11 नामजद करते हुए 41 के खिलाफ बलवा, सरकारी काम में बाधा, बंधक बनाकर हमला कर वर्दी फाड़ने सहित सेवन क्रिमनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। दो महिला समेत तीन गिरफ्तार किए हैं।