सतीश कुमार पांडेय
नेपाल बार्डर पर सक्रिय हवाला कारोबारियों का रैकेट दोनों देश में रुपयों की हेराफेरी कर रहा है। नेपाल में लोगों का बैंक में खाता खुलवाने के बाद उसमें रकम डालकर भारत में इसकी निकासी कर धंधा चला रहे हैं। शनिवार को राजघाट में पकड़े गए गैंग के एक सदस्य से पूछताछ के बाद पुलिस रैकेट में शामिल उसके अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
हवाला कारोबारी नए तरीके से धंधे को अंजाम दे रहे हैं। नेपाल में स्थित 18 बैंकों का नाम सामने आया है जिसमें खाता खुलवाने के बाद रैकेट के लोग रुपये जमा कर भारत में निकासी कर रहे हैं। शनिवार को राजघाट क्षेत्र में पकड़े गए नौतनवां के सूरज कुमार की गिरफ्तारी के बाद यह राज सामने आया। पूछताछ के बाद पुलिस के साथ ही खुफिया एजेंसी इस धंधे में शामिल लोगाें के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। सूरज के साथ 15 लोग काम करते हैं जिनके पकड़े जाने के बाद बड़ा पर्दाफाश हो सकता है। रैकेट में शामिल सदस्य नेपाल के लोगों का चिह्नित बैंकों में खाता खुलवाने के बाद एटीएम कार्ड बनवाकर अपने कब्जे में ले लेते हैं। इसके एवज में उन्हें हर महीने चार से पांच सौ रुपये मिलते हैं। सूरज से पूछताछ के बाद पुलिस को 50 ऐसे लोगाें का नाम भी मिला है जिनके नाम पर नेपाल में खाता खुला है। यह रैकेट महराजगंज, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर में सक्रिय है।
इन बैंकों में खुलवाए गए हैं खाते
एनबी बैंक लिमिटेड, सनराइज बैंक लिमिटेड, ज्योति विकास बैंक लिमिटेड निगम, नेपाल - बांग्लादेश बैंक लिमिटेड, मेगै बैंक नेपाल लिमिटेड, एनआईसी एशिया बैंक, सिटीजन बैंक इंटरनेशनल लिमिटेड, नेपाल इंवेस्टमेंट बैंक लिमिटेड, लक्ष्मी बैंक, कंट्री बैंक, एनएमबी बैंक, सिद्धार्थ डवलमेंट बैंक लिमिटेड, जनता बैंक नेपाल, ग्लोबल आईएमई बैंक, एनसीसी बैंक, एवरेस्ट बैंक, प्राइम कामर्शियल बैंक, स्टेट बैंक कैश प्लस।
जालसाजी करने का भी जताया जा रहा अंदेशा
सूरज के पास 51 एटीएम कार्ड मिलने के बाद अंदेशा जताया जा रहा है कि फर्जी नाम पते पर बैंक में खाता खोलकर यह लोग नेट बैंकिंग के जरिए हेराफेरी करते हैं। पकड़े जाने के डर से गैंग के लोग भारत में आकर खाते से रुपये की निकासी करते हैं।