पति और बेटे की हत्या के आरोप में जेल में बंद अर्चना से भले ही उसका कोई रिश्तेदार अब तक मिलने न आया हो। लेकिन उसे इस बात का कोई मलाल नहीं है। जेल में वह अपने प्रेमी अजय से मिलने के मौके तलाशने में लगी है। एक सहयोगी की मदद से दोनों दो बार मिल भी चुके हैं। हालांकि दूसरी बार मुलाकात के दौरान जेल अधिकारियों ने उनकी चालबाजी पकड़ ली। इसके बाद से ही दोनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उधर दोनों को मिलवाने वाले अजय के दोस्त को भी जेल अधिकारियों ने चिह्नित कर लिया है।
बशारतपुर, शाहपुर के अशोकनगर निवासी नेत्र परीक्षक ओमप्रकाश यादव और उनके चार वर्षीय बेटे नितिन की बीते बीस जनवरी को घर में लाश मिली थी। ओमप्रकाश की पत्नी अर्चना दूसरे कमरे में बंद थी। 48 घंटे में घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने अर्चना और उसके प्रेमी फिरोजाबाद निवासी अजय यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पिछले दिनों जेल अधिकारियों से अर्चना ने अजय से मिलने की कई बार गुहार लगाई थी। लेकिन जेल अधिकारियों ने नियम का हवाला देकर इन्कार कर दिया। इसके बाद अर्चना ने जेल अधिकारियों की शिकायत ऊपर करने की भी धमकी दे डाली थी। इस बीच अजय से मिलने आए उसके एक दोस्त ने कुछ सामान देने के लिए अर्चना से भी मुलाकात की। उसी के साथ मिलकर अर्चना ने अजय से मिलने की योजना तैयार कर ली।
अर्चना ने जेल में बंदियों से मुलाकात के नियम को ही प्रेमी से मिलने के लिए इस्तेमाल किया। उसकी योजना के तहत अजय का दोस्त दस दिन पहले दोबारा उससे मिलने आया। इस दौरान उसने पहले एक पर्ची अजय से मुलाकात के लिए जमा की। कुछ देर बाद दूसरी पर्ची अर्चना के नाम से मिलने के लिए भी जमा कर दी। बाद में अन्य मुलाकातियों के साथ अजय का दोस्त भी जेल के अंदर पहुंचा। मुलाकात की पर्ची जमा होने की होने से अर्चना और अजय को बैरक से बाहर लाया गया। इसी मौके का लाभ उठाकर दोनों एक-दूसरे से मिले।
दूसरी बार भी दोनों ने मुलाकात की यही तरकीब अपनाई। अर्चना और अजय से एक ही दिन मुलाकाती के आने का पता चलने पर जेलर आरके सिंह का माथा ठनका। इसके बाद उन्होंने चेक किया तो दोनों एक पेड़ के पास बैठकर बात करते मिले। छानबीन में पता चला कि दोनों से मुलाकात के लिए एक ही व्यक्ति ने पर्ची जमा की थी। इसके बाद जेलर ने दोनों को उनके बैरक में भेज दिया।
एक बार अजय और अर्चना मिलने में कामयाब हो गए थे। दूसरी बार दोनों को बातचीत करते पकड़ लिया गया। अब उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
- आरके सिंह, जेलर