गोरखपुर। क्राइम ब्रांच की मदद से बेलीपार पुलिस ने अमरजीत गैंग के दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लूट की 15 घटनाओं का पर्दाफाश किया। गोरखपुर के अलावा संतकबीरनगर, आजमगढ़ क्षेत्र में बदमाशों का गिरोह एक साल से वारदात को अंजाम दे रहा था। गैंग में कुल 28 सदस्य हैं जिसमें 18 की तलाश पुलिस कर रही है।
पुलिस लाइंस में बृहस्पतिवार की दोपहर प्रेस वार्ता कर एसएसपी अनंत देव ने बताया कि एसओ बेलीपार गौरव सिंह, क्राइम ब्रांच के सीआईयू टीम प्रभारी राजेश मिश्रा ने बुधवार की रात बाघागाड़ा में बाइक सवार दो युवकों को गिरफ्तार किया है। तलाशी में उनके पास एक तमंचा, तीन मोबाइल और आठ हजार रुपये मिले। छानबीन करने पर बाइक लूट की निकली। युवकों की पहचान बेलघाट, सहनदेवा के अंकित यादव, रामपुर गोसाई डढ़िया गांव के सुनील यादव के रूप में हुई। पूछताछ में युवकों ने बेलीपार, सिकरीगंज, बड़हलगंज, खजनी, खोराबार, झंगहा, गोला और संतकबीरनगर के धनघटा में लूट की 15 घटनाओं में शामिल होने की बात कबूल की।
दोनों की निशानदेही पर फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से लूटा गया बैग, आधार कार्ड, कपड़े, तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। बदमाशों से पूछताछ में गिरोह के 28 बदमाशों का नाम पता चला जिसमें दस जेल में बंद है और 18 अभी भी फरार हैं जिनकी तलाश क्राइम ब्रांच के साथ ही स्थानीय थाने की पुलिस कर रही है। जेल में बंद अमरजीत का करीबी बदमाश सुबाष लुटेरों के इस गैंग को अपने साथी उदयवीर के साथ संचालित करता है। उन्होंने बताया कि चार महीने पहले ही उदयवीर जमानत पर छूटा था।
लॉकअप से भागे सूरज के साथ अंकित ने की थी लूट
बीए प्रथम वर्ष का छात्र अंकित अमरजीत का रिश्तेदार भी है। गैंग से जुड़ा शातिर सूरज नवंबर 2015 में लॉकअप से फरार होने के बाद अंकित के पास पहुंचा था। दोनों ने मिलकर गोला क्षेत्र में लूट की थी। सुबाष के पकड़े जाने के बाद गैंग को बरपार का रहने वाला रामनरेश चला रहा था। देवरिया में उसकी गिरफ्तारी के बाद कुछ दिन तक आजमगढ़ के रहने वाले अमर ने संचालन किया। दो महीने से जेल में बंद सुबाष यादव के इशारे पर लूट की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था।