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बंटवारे के विवाद में वकील ने छोटे भाई को मारी गोली, मौत

Sat, 10 Sep 2016 08:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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कैंट पुलिस की गिरफ्त में आरोपी वकील। - फोटो : Shivharsh Dwivedi
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मोहद्दीपुर में शनिवार की दोपहर मकान के बंटवारे के विवाद में अधिवक्ता ने अपने छोटे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बंदूक के साथ अधिवक्ता को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के बीच 19 साल से मकान के बंटवारे का विवाद चल रहा था। अधिवक्ता के भाई परिवार के साथ कानपुर के ग्वाल टोली में रहते थे। शनिवार को ही वह गोरखपुर आए थे।
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मोहद्दीपुर स्थित पूर्वांचल बैंक गली में अधिवक्ता अरुण त्रिपाठी रहते हैं। मकान के बंटवारे को लेकर कानपुर के ग्वाल टोला में रहने वाले छोटे भाई वरुण से 1997 से उनका विवाद चल रहा है। शनिवार की दोपहर 12:30 बजे अरुण दरवाजे पर कार साफ कर रहे थे। इसी बीच छोटे भाई वरुण वहां आ गए। गेट फांदकर अंदर आने के बाद वरुण का बड़े भाई से विवाद हो गया। कहासुनी के बाद दोनों में मारपीट होने लगी। इसके बाद अरुण अंदर गए और बंदूक लाकर वरुण के सीने में गोली मार दी। वरुण ने भागने का प्रयास किया लेकिन अरुण ने उन्हें एक के बाद एक तीन गोली मार दी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात की जानकारी मिलने पर पहुंची कैंट पुलिस ने बंदूक और 12 बोर की 10 गोलियों के साथ अधिवक्ता को गिरफ्तार करने के साथ ही शव को मोर्चरी में रखवा दिया। पुलिस ने कानपुर में रहने वाले वरुण के परिवार के लोगाें के साथ ही उनके रिश्तेदारों को इस घटना की जानकारी दी। बवाल की आशंका में आरोपी अधिवक्ता को खोराबार थाने भेजा गया। मौके एसएसपी, एसपी (सिटी), सीओ कैंट भी पहुंचे थे। पिता की मौत के बाद शुरू हुआ था विवाद गोला कस्बे के रहने वाले रवींद्रनाथ तिवारी उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी थे। उनके दो बेटे अरुण, वरुण और तीन बेटियां हैं। कानपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने वहां मकान बनवाया। वहां वरुण परिवार के साथ रहते थे, जबकि मोहद्दीपुर स्थित मकान रवींद्रनाथ के पिता के नाम पर था जिनकी 1992 में मौत हो गई। इसी मकान को लेकर 1997 से दोनों भाइयों में विवाद चल रहा है। रवींद्रनाथ तिवारी के पिता ने पंचायत के बाद कानपुर का मकान वरुण को देने के साथ ही मोहद्दीपुर की संपत्ति अरुण के नाम कर दी पर वरुण ने यह समझौता नहीं माना। तीनों बहनें भी उनका पक्ष ले रही थीं। इस को लेकर दोनों भाइयों में तकरार चल रही थी।
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सीसीटीवी फुटेज से की गई छेड़छाड़ अधिवक्ता अरुण ने सुरक्षा के लिए घर में कई जगह सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। घटना के बाद जब मौके पर पुलिस पहुंची तो अंदर से उनकी पत्नी और बेटी ने दरवाजा बंद कर रखा था। 20 मिनट तक पुलिस ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ने की धमकी दी तब जाकर खोला गया। पुलिस जब अंदर पहुंची तो उसे सीसीटीवी के डीवीआर से छेड़छाड़ की जानकारी मिली। पुलिस ने डीवीआर को कब्जे में ले लिया है।

मकान के बंटवारे के विवाद में अधिवक्ता ने भाई को गोली मारी है। आरोपी को हिरासत में लेने के साथ ही कानपुर में रहने वाले छोटे भाई के घरवालों को जानकारी दे दी गई है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज करने का निर्देश इंस्पेक्टर कैंट को दिया है। 
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- रामलाल वर्मा, एसएसपी
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