गोरखपुर यूनिवर्सिटी के मजीठिया भवन में बुधवार को आयोजित टैलेंट हंट कार्यक्रम में अश्लील गाना गाए जाने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भड़क गए। वे न सिर्फ यूनिवर्सिटी के डीएसडब्लू और एक रेडियो चैनल की ओर से हो रहे इस कार्यक्रम के आयोजकों से भिड़ गए और कार्यक्रम समाप्त करने की मांग करने लगे बल्कि उन्होंने होर्डिंग भी गिरा दी। यूनिवर्सिटी प्रशासन के विरोध में जमकर नारे भी लगाए।
मामला बढ़ता देख आयोजकों ने परिषद के कार्यकर्ताओं को समझाने-बुझाने की बहुत कोशिश की लेकिन वे कार्यक्रम समाप्त करने पर ही आमादा थे। उनका रुख देख शिक्षकों ने खुद मंच पर पहुंचकर आयोजकों और छात्रों को अश्लील गाना न गाने की हिदायत दी और कार्यक्रम समाप्त करा दिया। कार्यक्रम बंद कराकर परिषद के कार्यकर्ता जब यूनिवर्सिटी गेट पर पहुंचे तो वहां मौजूद प्रॉक्टर डॉ. सतीश चंद्र पांडेय ने उनके प्रदर्शन का विरोध किया। इसी को लेकर कार्यकर्ताओं और प्रॉक्टर में जमकर नोकझोंक हुई।
इस बीच प्रॉक्टर ने हंगामे की जानकारी यूनिवर्सिटी चौकी इंचार्ज एके उपाध्याय को दे दी। आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज ने कार्यकर्ताओं को गेट से हटाया। इस दौरान करीब दो घंटे तक यूनिवर्सिटी के मजीठिया भवन से मुख्य गेट तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हंगामा करने वालों में उमेश कुमार सूर्यांश, नेहा मणि, योगेश्वर नाथ पांडेय, सिद्घार्थ कुशवाहा, हिमांशु चंद्र कौशिक, आदित्य मणि राणा, राजन द्विवेदी, अंकुर सिंह, अरुण, मयंक राय आदि शामिल थे।
कार्यक्रम के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन की अनुमति थी, बावजूद इसके यदि किसी को कोई आपत्ति थी तो इसकी शिकायत करनी चाहिए थी। यूनिवर्सिटी का नियम-कानून तोड़ने की आजादी किसी को नहीं है। किसी भी संगठन या छात्र को किसी भी कीमत पर इस तरह से हंगामा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर गलत किया है।
-डॉ. सतीश चंद्र पांडेय, प्रॉक्टर, गोरखपुर यूनिवर्सिटी
‘सील’ को नहीं, अश्लील को इजाजत
पिछले दिनों जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘सील’ के तहत उत्तर-पूर्व के 30 विद्यार्थियों का दल गोरखपुर आया और कार्यक्रम के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन से संवाद भवन की मांग की गई तो उस मांग को यह कहकर ठुकरा दिया कि कार्य परिषद के निर्णय के मुताबिक ऐसे किसी कार्यक्रम के लिए यूनिवर्सिटी का परिसर नहीं दिया जा सकता, लेकिन अब जब कक्षाओं के दौरान परिसर में अश्लील गाने बजाए जा रहे हैं तो यूनिवर्सिटी प्रशासन को कार्य परिषद का नियम याद नहीं आ रहा। ऐसे आयोजन यूनिवर्सिटी की गरिमा को धूमिल करने वाले हैं।
- राकेश मौर्य, प्रांतीय मंत्री, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद