वृद्धा को चार किलो सोने का लालच लेकर जालसाज महिलाएं गहने लेकर फरार हो गईं। घटना की जानकारी पीड़ित को घर पहुंचने पर हुई। रविवार शाम को कैंट थाने पहुंचे परिवार के लोगों ने तहरीर दी।
बेलीपार, बाघागाड़ा के एकला बाजार निवासी कैलाशी देवी (62) रविवार सुबह दाउदपुर में डॉक्टर को दिखाने आई थीं। दोपहर एक बजे घर लौटते समय काली मंदिर में दर्शन करने चली गईं। लाइन में लगने के दौरान पीछे खड़ी महिला ने गहनों पर ध्यान देने की बात कह सतर्क किया। वहां से टेंपो पकड़कर कैलाशी नौसढ़ जाने के लिए निकलीं तो चार अन्य महिलाएं भी उनके साथ बैठ गईं। वृद्धा के बगल में बैठी एक महिला रोने लगी। पूछने पर उसने पति पर पिटाई का आरोप लगाते हुए घर से छोड़ने की बात कही। अपने साथ घर में रखे चार किलो सोने के गहने ले आने की जानकारी देते हुए पास में रखा सिंदूरदानी खोलकर दिखाया, जिसमें हंसुली, कंगन और अन्य जेवर थे। कैलाशी देवी से उसने गहने बेचने की इच्छा जताई तो उन्होंने पास में केवल चार सौ रुपये होने की बात कह इन्कार कर दिया।
टेंपो में बैठी तीन अन्य महिलाएं गहने के 50 हजार रुपये देने लगीं, मगर जालसाज ने उन्हें देने से इन्कार कर दिया। चार किलो सोने की लालच में फंसकर कैलाशी देवी अपने गहने के बदले हंसुली और अन्य जेवरात मांगने लगीं और जालसाज के हामी भरने पर अपनी सोने की चार चूडियां, अंगूठी, बाली निकालकर दे दिया। ऑटो चालक ने रुस्तमपुर में कैलाशी देवी को उतार दिया। वहां से दूसरी ऑटो पकड़कर वह गांव पहुंचीं और सिंदूरदानी में रखे गहने बाहर निकाले तो सच्चाई का पता चला। जालसाज ने लोहे के बने गहनों पर पीले रंग की धातु चिपकाई थी। सिंदूरदानी में रखे जाने के कारण उस पर सिंदूर लगा होने से वह धोखा खा गईं। सच्चाई का पता चलने के बाद वह सदमे हैं।